सुशांत ने अपनी बहन से कहा था, मुझे रिया के चंगुल से छुड़ा लो


चंडीगढ़ । अभिनेता सुशांत सिंह की रहस्यमय मौत के प्रकरण में यह तथ्य भी उद्घाटित हुए है कि सुशांत ने अपनी बहन से कहा था कि उसको रिया के चंगुल से छुड़ा लें। सुशांत अपनी बहन को रानी दीदी कहते थे। रानी हरियाणा के वरिष्ठ आइपीएस ओपी सिंह की पत्‍नी हैं। इसके बाद रिया के खिलाफ शिकायत ओपी सिंह ने एक और मैसेज के जरिये की।


हरियाणा से मुंबई सुशांत से मिलने गई बहन को रिया ने घर में ठहरने भी नहीं दिया था


सुशांत के परिवारिक सूत्रों का तो यह भी कहना कि ओपी सिंह की पत्‍नी रानी सुशांत से मिलने फरवरी में मुंबई गई थी, लेकिन रिया ने घर में उन्हेंं ठहरने नहीं दिया था। इस बात से उनकी दीदी नाराज और चिंतित भी हुई थीं। फिर रिया से यह कहा गया कि वह सुशांत को उनके साथ सिद्धि विनायक मंदिर शाम में जाने दे। लेकिन, रिया ने ऐसा भी नहीं होने दिया था।


सुशांत राजपूत के फ्लैट में रहने वाले सिद्धार्थ पिठानी ने वायरल किए चैट


ओपी सिंह की मुंबई के बांद्रा जोन -9 के डीसीपी के साथ हुआ चैट भी वायरल है। इसके अलावा कुछ चैट वायरल हैं, जो ओपी सिंह ने सीधे सुशांत के साथ की थी। सुशांत राजपूत के फ्लैटमेट सिद्धार्थ पिठानी द्वारा इस चैट को वायरल किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि इस बारे में खुद सिंह किसी से बात नहीं कर रहे हैं। लेकिन  वायरल चैटिंग से यह साफ पता चल रहा कि मुंबई पुलिस को इस बात की जानकारी थी कि सुशांत की जान को खतरा है।


मुंबई पुलिस ने भी स्वीकारी, सुशांत को खतरा होने की जानकारी


सिद्धार्थ पिठानी द्वारा जारी किए गए पांच मैसेज में कई ऐसी चीजें हैं, जो चौंका रही हैं। माना जा रहा है कि यह चैटिंग ओपी सिंह ने अपने साले सुशांत राजपूत के साथ की है, जो फरवरी माह की बताई जा रही। ओपी सिंह का जो चैट वायरल हो रहे हैं, उसमें उन्होंने लिखा है कि रिया के पिता एक रिटायर्ड डॉक्टर हैं। सुशांत के साथ बस कुछ दिन की जान पहचान के बाद वह सुशांत के घर में रहने लगी है। उसका डिप्रेशन ठीक करने के बहाने से उसका पूरा परिवार सुशांत के साथ महीनों तक एक रिसॉर्ट में रहा।


जीजा वरिष्ठ आइपीएस ओपी सिंह ने मुंबई पुलिस को सुशांत पर मंडरा रहे खतरे के बारे में खुद बताया था


सुशांत को रिसॉर्ट में शिफ्ट करने के बाद से रिया और उसका परिवार सुशांत के बिजऩेस और काम को हैंडल करने लगा है। तब से वो बहुत ज़्यादा ढलान पर है। 25 फरवरी को ही हुई इस चैट में ओपी सिंह ने आगे लिखा, जब चीज़ें हाथ से बाहर हो गईं तो सुशांत ने मेरी पत्नी को फोन किया और कहा कि उसे रिया के चंगुल से छुड़ा ले।


सिंह ने यह भी लिखा कि वह ( सुशांत) 2-3 दिन हमारे साथ रह के गया है और यहां बिल्कुल ठीक था। फिर उसे काम और शूटिंग के चक्कर में वापस जाना पड़ा। वो एक बार फिर वह बेचैन हो गया है। हमें पता चला है कि रिया उसके पूरे स्टाफ को नौकरी से निकाल रही है। सुशांत की तीसरी बहन जो दिल्ली में वकील है और अकसर उससे मिलने जाती है, काफी चिंता में है कि सुशांत ने कुछ ऐसे लोगों के हाथ अपनी जि़ंदगी सरेंडर कर दी है जो लगातार उससे छल कर रहे हैं और काबू में कर रहे हैं और ऐसा लग रहा है कि उसकी जान खतरे में है।चैटिंग इस प्रकार है।


लेकिन मुंबई पुलिस ने कुछ नहीं किया


ओपी सिंह द्वारा बांद्रा जोन नौ के तत्कालीन डीसीपी को भेजी गई वाट्सएप पर शिकायत मिलने की हामी भी भरी गई थी। उन्हेंं तत्कालीन डीसीपी परमजीत एस डाहिया ने अंग्रेजी में लिखा था कि उन्हेंं शिकायत मिल गई। ओपी सिंह ने सुशांत का नंबर भी दिया था।


ओपी सिंह ने इसी के साथ सिद्धार्थ पिठानी का नंबर शेयर करते हुए लिखा था कि बुद्धा (सिद्धार्थ पिठानी) आपको बाकी की सारी जानकारी दे सकता है। हम बस इतना चाहते हैं कि वो वहां अकेला है और इस बात के लिए उसे कोई चोट ना पहुंचाए। इसके बाद 19 फरवरी को एक मैसेज भेजा गया, जिसमें कहा गया कि वो यानी सुशांत इतना अच्छा और खुशमिज़ाज़ लड़का है, मेरी पत्नी (सुशांत की बहन) उसकी चिंता करती रहती हैं।


ओपी सिंह के अनुसार, 25 फरवरी को उन्हेंं जवाब मिला, सर एक मीटिंग में हूं। आपको कॉल करता हूं। इसके बाद ओपी सिंह ने फिर कुछ मैसेज भेजे, जिसका जवाब मिला, नोटिड सर यानी डीसीपी ने इस बात की हामी भरी कि उन्हेंं शिकायत मिल चुकी है। लेकिन इसके बाद मुंबई पुलिस ने कुछ नहीं किया।


ओपी सिंह के पांच मैसेज में छिपे कई रहस्य


1. मैं चंढीगढ़ पहुंच गया हूं। तुम्हारे सपोर्ट के लिए शुक्रिया। मुझे अपने पुराने दोस्त की याद आ गई।


2. मुझे खुशी है कि तुम अपनी जिंदगी के इंचार्ज नहीं हो। मैंने अपनी ट्रिप खुद प्लान की और मेरा अनुमान सही था।


3. मेरी पत्‍नी को इन सारी प्रॉब्लम से दूर रखना। मेरी पत्‍नी बहुत अच्छी है और मैं चाहता हूं कि उसे किसी प्रकार का दुख न हो।


4. एक मैं ही हूं जो तुम्हारी मदद कर सकता हूं और मैं अभी भी तुम्हारे साथ हूं। तुम्हें और तुम्हारा ख्याल रखने वाले कभी भी मेरे ऑफिस से संपर्क कर सकते हैं। मैं जरूरत के समय तुम्हारा साथ दूंगा।


5. मैं ये मैसेज तुम्हें इसलिए भेज रहा हूं क्योंकि तुम्हें पता चले कि इस मुद्दे पर मेरी सोच क्या है। अगर तुम्हें मेरी बातें फालतू लग रही हों तो तुम इन्हेंं इग्नोर कर सकते हो।