हथेली का रंग बताता है कौन सा रोग है आपको


अच्छे और बुरे दिन आने से पहले आपके हाथ का रंग बदलने लगता है। यदि‍ आपके हाथ का रंग बदल रहा है तो इस पर विचार करें। जरा सी सावधानी आपको किसी बड़ी बीमारी से बचा सकती है। हस्तरेखा विशेषज्ञों के अनुसार यदि आपकी हथेली गुलाबी और चित्तीदार है तो आपका स्वास्थ्य सामान्य है। ऐसे व्‍यक्‍ति आशावादी और खुशमिज़ाज होते हैं। अगर हथेली का रंग धीरे-धीरे हल्का लाल होता जा रहा है तो यह इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में आप ब्‍लडप्रेशर की समस्या से परेशान हो सकते हैं। लाल रंग की हथेली वाले लोग अपने गुस्‍से पर नियंत्रण नहीं रख पाते और छोटी-छोटी बातों पर आवेश में आ जाते हैं। अगर हथेली का रंग धीरे-धीरे पीला होता जा रहा है तो यह शरीर में रक्‍त की कमी होने का संकेत देता है।


ऐसे लोग एनिमिया से पीड़ित हो सकते हैं। हथेली का पीला रंग शरीर में पित्‍तदोष और रोगग्रस्‍त होने का संकेत देता है। ऐसे व्‍यक्‍ति स्‍वभाव में भी स्‍वार्थी और चिड़चिड़े हो जाते हैं। यदि हथेली का रंग नीला पड़ने लगा है तो इसका मतलब है कि शरीर में रक्‍त संचार की गति धीमी है और आपके अंदर आलस्‍य भरा हुआ है। हथेली का रंग गुलाबी है तो व्‍यक्‍ति स्वास्थ्‍य एवं स्वभाव दोनों ही दृष्टि से अच्‍छा माना जाता है। ज्‍योतिष एवं स्‍वास्‍थ्‍य की दृष्‍टि से हथेली का ऐसा रंग उत्‍तम माना जाता है। हालांकि हथेली का लाल रंग स्‍वभाव में उग्रता को प्रदर्शित करता है। कई बार ऐसे लोगों को क्रोध सीमा से बाहर जो जाता है। वे मारपीट पर उतारू हो सकते हैं। ऐसे लोग मिर्गी रोग के शिकार भी हो सकते हैं।


 (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा। जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)