सफलता और यश का आशीष देते हैं सूर्यदेव


भगवान शिव को प्रिय सावन माह में हर दिन विशेष है। सावन माह में भगवान शिव अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं। सावन के रविवार का भी विशेष महत्व है। यह दिन सूर्यदेव की उपासना का है। सूर्यदेव प्रत्यक्ष देवता हैं और इनकी पूजा से आरोग्य, सफलता, यश का आशीष प्राप्त होता है।


सावन के रविवार को सूर्योदय से पहले उठकर तांबे के लोटे में जल भरकर घर के मुख्य द्वार पर छिड़कें। ऐसा करने से घर में कभी दरिद्रता नहीं आती। रविवार की शाम को पीपल के नीचे आटे से बना हुआ चौमुखा दीपक जलाएं। इससे घर के भंडार भरे रहते हैं। रविवार के दिन किसी सरोवर या नदी किनारे जाकर मछलियों को आटे की गोली खिलाएं। रविवार के दिन गाय को रोटी या हरा चारा अवश्य खिलाएं। पक्षियों को दाना डालें। सूर्यदेव को कभी भी बिना स्नान किए जल अर्पित न करें। सावन माह में प्रतिदिन सुबह घर में गुग्गुल की धूप दें। गरीबों को भोजन कराएं। ऐसा करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलेगी। सूर्यदेव की उपासना से आत्मविश्वास बढ़ता है। विषम परिस्थितियों में भी साहस बना रहता है। सूर्यदेव की उपासना से नई ऊर्जा का संचार होता है। कार्यों में सफलता मिलने लगती है।


इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।