इस महामारी में गलतियों के लिए कोई स्थान न हो : CM योगी


लखनऊ । यूपी की राजधानी लखनऊ में कोरोना विस्फोट यानी चौबीस घंटे में 392 कोरोना संक्रमण के मामले सामने आते ही शासन स्तर तक खलबली मच गई। रविवार देर शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब कर लिया। बैठक कर सीएम योगी ने अधिकारियों से संक्रमण की रोकथाम और इलाज की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। दो टूक कहा कि इस महामारी में गलतियों के लिए कोई स्थान न हो। तमाम निर्देशों के साथ ही एसजीपीजीआइ के निदेशक को इलाज की एसओपी तैयार करने को कहा है।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित बैठक में कहा कि कोविड-19 के संक्रमण के संबंध में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही न बरतें। लखनऊ जिला स्तर पर संक्रमण की दर को रोकने के लिए कांटैक्ट ट्रेसिंग हर हाल में की जाए। डोर-टू-डोर सर्वे में कोई कोताही न हो। लोकबंधु अस्पताल में कोविड के बेड बढ़ाकर 200 करने के निर्देश देते हुए कहा कि जरूरत के अनुसार मानव संसाधन तत्काल उपलब्ध कराया जाए।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिविल, लोकबंधु, बलरामपुर और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के प्रभारी चिकित्सकों से स्थिति की जानकारी ली। एसजीपीजीआई के निदेशक को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान का भ्रमण करने और आरएमएल, सिविल, लोकबंधु, बलरामपुर के प्रभारियों के साथ बैठक कर कोविड-19 के उपचार के लिए एक एसओपी विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लखनऊ के मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी इस बैठक में शामिल हों। फिर उस एसओपी को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ में प्रदेश के हर जिले से लोग इलाज के लिए आते हैं। वर्षा ऋतु में कोविड-19 और संचारी रोगों के संक्रमण के नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन को सजगता व सतर्कता के साथ काम करना होगा। पुलिस-प्रशासन लखनऊ के सभी 110 वार्डों में पब्लिक एड्रेस सिस्टम से मास्क, शारीरिक दूरी, साफ-सफाई आदि के लिए जागरूक करे। प्रवर्तन की कार्रवाई भी मजबूती से करें। पेट्रोल पंप और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में भी मास्क या फेस कवर ग्राहकों के लिए अनिवार्य हो। उन्होंने कोविड-19 संक्रमित व्यक्ति को होम आइसोलेशन में रखने पर विचार करने के लिए भी कहा।


नई एंबुलेंस खरीदें या निजी की मदद लें : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जिला प्रशासन डोर-टू-डोर सर्वे के लिए आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित अन्य की सेवाएं ले। जरूरत के अनुसार नई एंबुलेंस खरीदें या निजी एंबुलेंस की सेवाएं लें। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और नॄसग एसोसिएशन के साथ जिला प्रशासन की हर सप्ताह बैठक होनी चाहिए। साथ ही तय करें कि कोविड-नॉन कोविड मरीज 15 मिनट से अधिक होल्डिंग एरिया में न रहें। सभी जिलों के अस्पतालों में पर्याप्त बेड हों और डेडीकेटेड टीम काम करे।


मुख्य सचिव तुरंत नियुक्त करें डीजी हेल्थ : प्रदेश में महानिदेशक स्वास्थ्य का पद अभी खाली चल रहा है। अन्य अधिकारी को कार्यवाहक के रूप में जिम्मेदारी दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य सचिव आरके तिवारी को निर्देश दिए कि महानिदेशक स्वास्थ्य की तुरंत नियुक्ति करें।