इम्युनिटी बढ़ाओ, धोकर-सुखाकर ही फल खाओ

खुले में बिक रहे फलों को पहले करें सैनिटाइज विटामिन-सी के गुणकारी फलों की डिमांड मुश्किल में डाल देगी बाहर से आने वाली सप्लाई।



लखनऊ । कोरोना संक्रमण काल में विटामिन-सी की प्रचुरता वाले फलों की जबरदस्त डिमांड बनी हुई है। खासतौर से इम्युनिटी बढ़ाने में गुणकारी मानी जाने वाली मौसमी, नीबू और संतरा लोगों की खास पसंद है। हालांकि, मौजूदा हालात में फलों के उपयोग को लेकर अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। वो इसलिए क्योंकि उत्पादन स्थल से लेकर मंडी और फिर थोक बाजार तक पहुंचने वाले ये गुणकारी फल तमाम हाथों से होकर गुजरते हैं। कई बार संक्रमण से बचने की कोशिश ही हमें उसकी चपेट में ला सकती है। लिहाजा, जब भी फल खाएं तो धोकर, धूप में सुखा लें।


मांग भरपूर, दाम स्थिर


आमतौर पर माना जाता है कि मांग बढ़ने पर दाम बढ़ जाते हैं मगर इस सीजन में ऐसा नहीं है। फलों की कीमतों में ज्यादा अंतर नहीं है। कारोबारी कहते हैं फलों की खरीदारी रोज नहीं होती है। साथ ही आम का सीजन भी चल रहा है। बाहर से आने वाले सेब, मौसमी, संतरा, केला आदि फलों की मंडी में पर्याप्त मात्रा में आमद है।


पैकिंग में आते हैं ज्यादातर फल


खानपान की चीजों के सैनिटाइजेशन की पर्याप्त व्यवस्था मंडी में नहीं होती है। बाहर से आने वाले ज्यादातर फल तो पैक आते हैं मगर फुटकर में पहुंचते-पहुंचते वे कई तरह के हाथों से गुजरते हैं। मंडी निरीक्षक अनुराग सक्सेना बताते हैं कि सेब, अनार, संतरा, मौसमी आदि फलोंं के बॉक्स बाहर से जरूर सैनिटाइज किया जाता है। पैकिंग खोलकर सैनिटाइज करने से उसके खराब होने के आसार बढ़ जाते हैं। लिहाजा घरों में इस्तेमाल करते वक्त सावधानी जरूरत बरतें।


आमद में कमी नहीं


नागपुर, चालीसगांव, अनंतापुर, हैदराबाद आदि स्थानों से मौसमी की आवक मंडियों को होती है। पतले छिलके वाली नागपुर की गौरान्वी मौसमी सबसे ज्यादा पसंद की जाती है। वहीं, सेब हिमाचल और जम्मू कश्मीर का तो केला महाराष्ट्र और बिहार एवं लोकल साथ ही संतरा, महाराष्ट्र , नागपुर से आता है। इधर ज्यादातर माल स्टोर का ही चलता है। वजह है, केला छोड़कर सभी का सीजन सर्दीं के महीनों में होता है।


ऐसे करें फलों को शुद्ध


कोरोना के चलते बाजार से लाए जाने वाले सामान को विसंक्रमित करना बेहद जरूरी हो गया है। खासतौर से फल और सब्जियों को यदि अच्छी तरह से संक्रमित न किया जाए तो इंफेक्शन संभावना अधिक रहती है। आमतौर सब्जियां व फलों को साफ करने के लिए घरों में पोटेशियम परमैग्नेट का इस्तेमाल किया जाता था लेकिन धीरे-धीरे इसका चलन लगभग खत्म हो गया। कोरोना काल में एक बार फिर यह जरूरत महसूस की जा रही है। लिहाजा, पोटेशियम परमैग्नेट के कुछ दाने पानी में डालकर सब्जियों को भिगो दें। करीब 20 मिनट के बाद साफ पानी से धोकर ही उनका प्रयोग करें।


फल व सब्जियों को घर में ही मौजूद चीजों से विसंक्रमित कर सकते हैं। इसके लिए कई तरीके हैं। कई लोग फल व सब्जियों को अच्छी तरह धोने के बाद सिरके में कुछ देर के लिए छोड़ देते हैं। फिर से साफ पानी से धोकर स्टोर कर लेते हैं। कई लोग पत्तेदार सब्जियों को छोड़ कर अन्य फल व सब्जी गुनगुने पानी में नमक डालकर भिगो देते हैं। लगभग 20-25 मिनट बाद इसे निकाल कर साफ पानी से धोकर व सुखा कर स्टोर किया जा सकता है।


ये तरीके भी आजमाएं


आधा-आधा कप नींबू का रस, एप्पल साइडर विनेगर और डिस्टिल्ड वाटर को एक स्प्रे बॉटल में मिक्स करके डाल दें। फलों और सब्जियों पर स्प्रे कर पांच मिनट तक छोड़ दें। उसके बाद इन सब्जियों और फलों को धोकर फ्रिज में स्टोर कर लें। सब्जी व फलों को साबुन के पानी से कभी नहीं धोएं।


कप एप्पल साइडर सिरका, दो चम्मच बेकिंग सोडा और एक कप मिलाकर स्प्रे बॉटल में डाल दें। इस मिश्रण में एक चम्मच बेकिंग सोडा मिला कर बॉटल बंद कर दें। जब झाग शांत हो जाए तो सब्जियों और फलों में उपयोग करें। इस घोल में फल और सब्जियों को दो मिनट तक छोड़ सकते हैं। उसके बाद पानी से धोकर व पोंछ कर स्टोर या इस्तेमाल करें।