ऐसे लोगों में होता है Heart Attack और Cardiac Arrest का सबसे ज्यादा ख़तरा!


कई बार लोग दिल की बीमारी के शुरुआती लक्षणों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं और इस लापरवाही का नतीजा अक्सर जानलेवा हो जाता है। 


हिंदी सिनेमा की मशहूर कोरियोग्राफर सरोज ख़ान का शुक्रवार सुबह कार्डिएक अरेस्ट की वजह से निधन हो गया। सरोज ने अपने चार दशक से अधिक लम्बे करियर में कई ऐसे गाने कोरियोग्राफ किए, जिन्होंने कामयाबी की बुलंदियों को छुआ। 71 साल की सरोज खान को काफी समय से सांस लेने में तकलीफ थी इसी वजह से उन्हें 17 जून से मुंबई के बांद्रा में स्थित गुरु नानक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।


दिल की बीमारी से होने वाली मौतों में अक्सर लोग शुरुआती चेतावनी पर ग़ौर नहीं करने की बड़ी भूल कर बैठते हैं। ये बात दुनिया भर में हुए कई अध्ययन में पाई गई है। इस सिलसिले में शोधकर्ताओं ने पिछले चार साल के बीच अस्पतालों में दिल के दौरे की वजह से भर्ती होने वाले मरीजों और मौत के सभी मामलों की स्टडी की थी। शोध में पाया गया कि 16 फीसदी मामलों में अस्पताल में भर्ती कराए गए मरीज़ों की मौत 28 दिनों में ही हो गई थी।


किन्हें होता है Heart Attack का सबसे ज़्यादा खतरा


1. मोटापे के शिकार लोग


2. दिल की बीमारियों का पारिवारिक इतिहास


3. उच्च रक्त चाप (हाई ब्लड प्रेशर)


4. मधुमेह (डायबीटीज़)


5. शारीरिक व्यायाम न करना


6. एक गतिहीन जीवन शैली 


किन्हें होता है Cardiac Arrest का सबसे ज़्यादा खतरा 


1. शौकिया दवाइयां खाना


2. दिल की बीमारी की अन्य दवाएं 


3. दिल की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचना


4. दिल की धड़कन में असामान्यताएं  


कार्डिऐक अरेस्ट के खतरे से बचने के लिए यह जरूरी है कि आप रुटीन चेक-अप और दिल की नियमित जांच कराते रहें। कार्डिऐक अरेस्ट के मामले में, यह ज़रूरी है कि जितना जल्दी हो सके उतनी जल्दी एक्शन लें, तभी आपकी जान बच सकेगी। जब तक डॉक्टर आए तब तक आप तुरंत मरीज़ पर सीपीआर शुरू कर दें। 


वहीं, हार्ट अटैक के मामले में, फौरन एम्बुलेंस को फोन कर बुलाएं और अगर मरीज़ बेहोश हो जाए तो उसके सीपीआर शुरू कर दें।  आप मरीज़ को ऐस्प्रिन की एक गोली भी दे सकते हैं, लेकिन अगर डॉक्टर ने किसी और दवा का सुझाव दिया है तो उसे ही फॉलो करें।