नेता विरोधी दल राम गोविंद चौधरी पॉजिटिव, SGPGI में भर्ती


लखनऊ । वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण का प्रसार व्यापक होता जा रहा है। कोरोना वॉरियर्स डॉकटर्स व मेडिकल स्टॉफ, पुलिसकर्मी, प्रशासनिक सेवा से जुड़े लोगों के बाद यह नेताओं तक पहुंच गया है। बदायूं से समाजवादी पार्टी के सांसद रहे धर्मेन्द्र यादव के बाद अब उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता विरोधी दल राम गोविंद चौधरी भी कोरोना वायरस की चपेट में हैं। 


उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता विरोधी दल राम गोविंद चौधरी ने स्वास्थ कुछ खराब होने के बाद लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में कोरोना वायरस संक्रमण की जांच कराई। जहां पर सैंपल रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उनको मेदांता में भर्ती कराया गया था। आज उनको संजय गांधी पीजीआई के कोविड हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया है। 


मेरठ में कोरोना से एक और मौत, फौजी समेत 48 पॉजिटिव


सोमवार को मेरठ में 19 नए संक्रमित मरीज मिले। इनमें फौजी भी शामिल है। यहां कुल संख्या 801 हो गई है। बिजनौर में कोरोना से एक और मौत हो गई। यहां मृतक संख्या सात हो गई है। आठ नए केस मिलने से संख्या 233 हो गई है। बुलंदशहर में छह पॉजिटिव मिलने से संख्या 510 हो गई है। सहारनपुर में तीन की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। यहां कुल संख्या 341 हो गई है। मुजफ्फरनगर में दो नए केस मिलने से संख्या 246 हो गई है।


आगरा मेंं कुल कोरोना संक्रमित 1147


आगरा अनलॉक होने के बाद बहुत से लोग ये मानने लगे कि कोरोना वायरस का कहर आगरा से खत्म हो गया। यह गलतफहमी बड़ी भारी पड़ सकती है। बीते करीब 15 दिन का ग्राफ यदि देख लें तो आगरा में हर दिन दो से तीन मृत्यु सिर्फ कोरोना वायरस की वजह से ही रिपोर्ट हो रही है। धीरे-धीरे कोरोना से हुई मौत का आंकड़ा 79 पर आ गया। यह भी शतक बनाने की ओर है। सोमवार को फिर ताजनगरी में कोरोना संक्रमण के चलते दो मौत रिपोर्ट हुई थीं। बीते सप्ताह लगातार तीन दिन तक तीन-तीन मौत दर्ज हुईं। वहीं दिनभर में आठ नए संक्रमित आनेे से कुल संक्रमित 1147 हो चुके हैं। सोमवार को 16 मरीजों के ठीक होने के बाद अब तक आगरा में 953 लोग ठीक हो चुके हैं और वर्तमान में 116 एक्टिव केस शहर में हैं। सोमवार तक 19109 सैंपल हो चुके हैं, इससे पहले रविवार तक 18797 सैंपल लिए जा चुके थे। आगरा में ठीक होने वाले लोगों की दर 83.16 प्रतिशत पर आ गई है। सोमवार को दर्ज हुईं मौतों में एक 83 वर्ष एवं 61 वर्ष के पुरुष हैं। आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि सावधानी न रखने वाले इस वायरस की चपेट में आ सकते हैं।