हिंसक प्रदर्शनों के बीच व्हाइट हाउस के बंकर में ले जाए गए थे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप


नई दिल्ली । अमेरिका में जॉर्ज फ्लॉयड नामक अश्वेत शख्स की पुलिस हिरासत में हुई मौत के बाद देशभर के कई हिस्सों में उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं। शुक्रवार रात को प्रदर्शनकारियों ने वॉशिंगटन डीसी स्थित व्हाइट हाउस के बाहर विरोध दर्ज कराया। इन प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कुछ समय के लिए बंकर में जाया गया था।


अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, व्हाइट हाउस में बने अंडरग्राउंड बंकर में डोनाल्ड ट्रंप तकरीबन एक घंटे से कुछ कम समय तक रहे। इसके बाद उन्हें वापस ऊपर लाया गया। शुक्रवार को व्हाइट हाउस के बाहर जमा हुए प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की थी। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि क्या मेलानिया ट्रंप और बैरोन ट्रंप को भी बंकर भी अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ ले जाया गया था या नहीं।


वहीं, अमेरिका में हिंसाजनक स्थिति देखते हुए दो शहरों में आपातकाल लगा दिया गया है। नैशविले और जॉर्जिया में आपात स्थिति लागू करके सुरक्षा के लिए नेशनल गार्ड तैनात कर दिए गए हैं। इसके अलावा 12 से अधिक प्रमुख शहरों में रातभर कर्फ्यू लगाया गया। लोगों को मियामी, पोर्टलैंड, लुइसविले, अटलांटा, डेनवर, लॉस एंजिलिस, सिएटल और मिनीपोलिस की सड़कों से दूर रहने के लिए कहा गया जहां कर्फ्यू का उल्लंघन कर हजारों लोग शुक्रवार रात को जमा हुए थे।


स्मारकों को निशाना बनाया


कई शहरों में प्रदर्शनकारियों ने कॉनफेडरेट स्मारकों को निशाना बनाया। वर्जीनिया, कैरोलिनास और मिसीपीसी में स्मारकों में तोड़फोड़ की। 17 शहरों में करीब डेढ़ हजार प्रदर्शकारियों को हिरासत में लिया गया। मिसीपीसी विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार को एक कोनफेडरेट स्मारक पर पंजे के लाल निशान के साथ 'आध्यात्मिक नरसंहार' लिख दिया।


सैनिकों के प्रतीक बड़े स्मारकों पर निशाना


कॉनफेडरेट स्मारक कॉनफेडरेट स्टेट ऑफ अमेरिका (सीएसए), कॉनफेडरेट नेताओं या अमेरिकी गृह युद्ध के कॉनफेडरेट सैनिकों के प्रतीक एवं सार्वजनिक प्रदर्शनी हैं। सीएसए 1861 से 1865 के बीच अमेरिका के दक्षिणी हिस्से में गैर मान्यता प्राप्त गणराज्य था। उस क्षेत्र में कॉनफेडरेसी मूल रूप से दास प्रथा वाले एवं सात अलगाववादी प्रांतों द्वारा बनाया गया था।


अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने क्या कहा?


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जॉर्ज फ्लॉयड की मृत्यु के बाद हो रहे उग्र प्रदर्शन के बीच कहा है कि लोगों को घर और सड़कों पर सुरक्षित रहने का अधिकार है और उन्होंने हिसां नहीं करने की चेतावनी देते हुए माना कि जॉर्ज फ्लॉयड की मौत एक गंभीर त्रासदी थी।