घर में स्थापित करें भगवान गणेश की ये मूर्तियां, चमक उठेगी किस्मत

प्राचीन काल से भगवान के स्वरूप की पूजा मिट्टी की मूर्ति बनाकर की गई है। इसकी पुनः शुरुआत छठी शताब्दी में आचार्य रामानंद ने की थी।



सनातन धर्म में मूर्ति पूजा का विधान है। इस धर्म में सभी देवी-देवताओं की मूर्ति स्वरूप में पूजा की जाती है। हालांकि, मूर्ति स्थापना के समय बहुत सी बातों का ध्यान रखना होता है। अगर इनमें कोई चूक होती है तो पूजा सफल नहीं होती है। खासकर भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की मूर्ति को लेकर कोई चूक नहीं करनी चाहिए। इससे व्यक्ति के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अगर आपको नहीं पता है तो आइए जानते हैं कि भगवान गणेश की कौन सी मूर्ति घर में लानी चाहिए-


चांदी की मूर्ति


अगर आप घर में भगवान गणेश की चांदी की मूर्ति स्थापित करते हैं तो यह आपके और आपके पूरे परिवार के लिए शुभ होगा। चांदी से निर्मित भगवान गणेश की मूर्ति की पूजा करने से व्यक्ति बहुत जल्द प्रसिद्धि पाता है। कालांतर से भगवान गणेश की पूजा चांदी स्वरूप में की गई है। आधुनिक समय में व्यापारी भगवान गणेश की पूजा की पूजा के लिए घर में चांदी की मूर्ति स्थापित करते हैं।


लकड़ी की मूर्ति


अगर आप अपने घर में भगवान गणेश की मूर्ति लाना चाहते हैं तो आप घर में भगवान गणेश की लकड़ी की मूर्ति स्थापित करें और उनकी रोज पूजा करें। ऐसा करने से आपके जीवन में सुख, सद्बुद्धि और सफलता का आगमन होगा। साथ ही आपकी आयु लंबी होगी। आप चाहें तो घर में तांबे की मूर्ति भी स्थापित कर सकते हैं। इस रूप में भगवान गणेश की पूजा करने से घर में खुशहाली आती है।


चिकनी मिट्टी की मूर्ति


चिरकाल से भगवान के स्वरूप की पूजा मिट्टी की मूर्ति बनाकर की गई है। इसकी पुनः शुरुआत छठी शताब्दी में आचार्य रामानंद ने की थी। जब उन्होंने भक्ति आंदोलन को दक्षिण से उत्तर भारत लाया था। उस समय उन्होंने काशी घाट पर भगवान राम सहित कृष्ण जी की मिट्टी की मूर्ति बनाकर उनकी पूजा की थी। यह बहुत शुभकारी माना जाता है। घर में चिकनी मिट्टी से निर्मित भगवान गणेश की मूर्ति स्थापना कर उनकी पूजा करने से व्यक्ति के जीवन से सभी प्रकार के दुखों का नाश होता है।