यहां है यह निशान तो होकर रहेंगे मानसिक रोग


ज्योतिष शास्त्र में हथेली में पाए जाने वाले चिन्हों में वृत्त का खास स्‍थान होता है। वृत्त को सूर्य या कंदुक भी कहते हैं। यह हथेली पर छोटे-छोटे गोल घेरे के रूप में पाया जाता है। वृत्त का प्रभाव हथेली पर उसके स्थान के आधार पर आंका जाता है। अनुकूल स्थानों पर स्थित वृत्त जातक के लिए महाफलदायी होता है वहीं प्रतिकूल स्थानों पर स्थित वृत्त व्यक्ति को नकारात्मक परिणाम देता है।
चंद्र पर्वत पर वृत्त की उपस्थिति से व्यक्ति का स्वास्थ्य कमजोर रहता है। ऐसे व्यक्तियों को जलीय स्रोतों दूर रहना चाहिए। इन स्‍थानों पर ऐसे लोगों के लिए मृत्‍यु योग बनता है। बुध पर्वत पर वृत्त का होना व्यापार की दृष्टि से लाभकारी होता है। ऐसे चिन्ह वाले जातक व्यापार में सफलता अर्जित करते हैं और विलासिता पूर्ण जीवन जीते हैं। पर्वतों के समान ही रेखाओं पर भी वृत्त के चिन्ह मिलते हैं। पर इनका प्रभाव नकारात्मक होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जीवन रेखा पर बना वृत्त का चिन्ह जातक की आंखें कमजोर होने की तरफ संकेत करता है। मस्तिष्क रेखा पर बना वृत्त मानसिक रोगों को जन्म देता है। हृदय रेखा पर उपस्थित वृत्त व्यक्ति के हृदय रोगी होने की भविष्यवाणी करता है।
हथेली में गुरु पर्वत पर बना वृत्त का चिह्न फलदायी होता है। ऐसे जातक अत्यंत प्रभावशाली होते हैं और अपने प्रयत्नों से सहज ही उच्च पद प्राप्त करने में सफल हो जाते हैं। ऐसे व्यक्तियों को ससुराल से भी विशेष धन की प्राप्ति होती है।


शनि पर्वत पर वृत्त की उपस्थिति व्यक्ति के लिए आकस्मिक धन प्राप्ति का योग बनाती है। ऐसे व्यक्तियों की लॉटरी, जुए, सट्टे आदि में विशेष रुचि होती है और इनके माध्यम से धन प्राप्ति के विशेष योग बनते हैं। यदि सूर्य पर्वत पर वृत्त का चिन्ह हो तो वह व्यक्ति उच्च एवं सात्विक विचारों वाला होता है। ऐसा व्यक्ति अपने कर्मों से पूरे विश्व में प्रसिद्धि पाता है।
(इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा। ये जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं  पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया  गया है।)