मुंबई में ठेकों पर भारी भीड़ के बाद शराब और गैर जरूरी दुकानें बंद करने का फैसला


मुम्बई। मुंबई के रेड जोन वाले इलाकों में शराब की दुकानों पर भारी भीड़ और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की धज्जियां उड़ते हुए देखने के बाद लॉकडाउन के तीसरे चरण में राज्य सरकार की तरफ से एक दिन पहले जो छूट शराब समेत गैर जरूरी दुकानों खोलने की दी गई थी उसे बीएमसी ने मुंबई से मंगलवार को वापस ले लिया है। बीएमसी कमिश्नर प्रवीण परदेशी ने को सर्कुलर जारी करते हुए कहा कि सिर्फ किराना और मेडिकल स्टोर्स को ही खुलने की इजाजत रहेगी।


इस आदेश में कहा गया कि "कई ऐसी रिपोर्ट सोशल मीडिया, पुलिस और वॉर्ड आफिशियल्स से मिली हैं जिनमें यह देखा गया कि लॉकडाउन में छूट के चलते दुकानों के नजदीक भारी संख्या में लोग इकट्ठे हो गए, जिसकी वजह से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना असंभव हो गया। कुछ जगहों पर ऐसा देखा गया कि इतनी बड़ी तादाद में लोगों के इकट्ठा होने के चलते कानून व्यवस्था तक की नौबत पैदा हो गई थी।"


सर्कुलर में आगे कहा गया कि मुंबई में कोरोना पॉजिटिव केस की संख्या बढ़ रही है और बिना सोशल डिस्टेंसिंग के भारी संख्या में लोगों की भीड़ होने से कोरोना वायरस को फैलने से रोकना मुश्किल होगा और भारी संख्या में लोगों के जमावड़े से लॉकडाउन का कोई फायदा नहीं होगा।


पूरे शहर में शराब की दुकानों के बाहर लंबी लाइनों के चलते सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को बनाए रखना मुश्किल ता। इससे पहले, 3 मई को महाराष्ट्र सरकार ने आदेश जारी करते हुए शराब समेत सभी गैर-आवश्यक दुकानों को सभी जोनों में खोलने का आदेश दिया था। इसमें कहा गया था कि रेड जोन में हर लाइन में लोगों की संख्या 5 तक सीमित रहेगी। कोरोना वायरस के लगातार आने मामले आने के बाद उसे रेड जोन में रखा गया है। मुंबई भी रेड जोन में है।


बीएमसी के मुताबिक, मंगलवार को मुंबई में कोविड-19 संक्रमण के 653 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या 9,758 हुई। 26 रोगियों की मौत के बाद मृतकों की तादाद 387 पहुंची।