कोरोना संदिग्ध सिपाही को चार दिन तक छिपाए रही शाहजहांपुर जीआरपी


शाहजहांपुर। रेलवे पुलिस में तैनात सिपाही में कोरोना के लक्षण मिलने से हड़कंप मच गया। मेडिकल कालेज में उसकी जांच कराई गई। सैम्पल लेने के बाद जीआरपी ने उसे बैरक से हटाकर स्टेशन के वेटिंग रूम में क्वारंटीन कर दिया। इस पूरे मामले की जानकारी जीआरपी ने रेल अफसरों और जिला प्रशासन को नहीं दी। सोमवार को मामला संज्ञान में आने पर अफसरों में खलबली मच गई।


मुरादाबाद तक खबर पहुंचने पर एसएस ने सिपाही का सामान बाहर कराकर वेटिंग रूम को खाली करा ताला जड़ दिया। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ओपी गौतम ने भी थाने पर पहुंचकर संदिग्ध सिपाही से पूछताछ की। यह मामला चार दिन पहले का है। जीआरपी सिपाही ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी ओपी गौतम को बताया कि पड़ोसी ने पास में आकर छींक दिया था। जिसके बाद उसे भी खांसी-जुकाम के साथ बुखार आने लगा। उसने स्टेशन के पास एक डाक्टर से दवा ली। द


वा से उसे बुखार में राहत मिल गई। परन्तु, गले में खराश नहीं गई। इंस्पेक्टर जीआरपी ने उसे जांच के लिए मेडिकल कालेज भेजा। वहां से कोरोना टेस्ट की सलाह दी गई।  सिपाही का कोरोना टेस्ट कराने के बाद उसे बैरक से हटाकर स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर बने सेकेंड क्लास वेटिंग रूम में ठहरा दिया। वहीं पर उसकी चारपाई और सामान भी रखवा दिया। इतना सब कुछ होने के बाद भी जीआरपी ने रेलवे के अफसरों और जिला प्रशासन को जानकारी नहीं दी।


सोमवार को श्रमिक स्पेशल ट्रेन आने की सूचना पर रेल के स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी वेटिंग रूम में पहुंचे तो मामला जानकारी में आया। यह जानकारी मंडल मुख्यालय के अफसरों को दी गई। अफसरों के साथ  स्टेशन अधीक्षक मनोज सिंह ने थाने पर पहुंचकर जीआरपी के कार्यवाहक इंस्पेक्टर टीकम सिंह से आपत्ति जताई, साथ ही सिपाही का सामान बाहर निकलवा कर वेटिंग रूम में ताला डलवा दिया गया। कार्यवाहक थाना प्रभारी टीकम सिंह का कहना है कि यह बात सभी रेल अफसरों की जानकारी में है। 


सुरक्षा के लिहाज से थर्मल स्क्रीनिंग कराई


जीआरपी के सिपाही में कोरोना के लक्षण मिलने के बाद रेल अफसरों में हड़कंप मच गया है। सुरक्षा की दृष्टि से दोपहर में सिपाहियों और सफाई कर्मचारियों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई। कुछ सफाई कर्मियों का तापमान बढ़ा मिला था। वह धूप में काम कर लौटे थे। दोबारा से उनकी जांच करने पर सब नार्मल निकला है। 


बाइट वन--स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि सिपाही में कोरोना के लक्षण मिलने पर जीआरपी ने जांच कराई है। स्टेशन पर वेटिंग रूम में उसे रखा गया था। जानकारी मिलने पर उसे हटाकर वेटिंग रूम में ताला डाल दिय गया। 


बाइट टू-नियमों के विपरीत किया काम : गौतम
=नगर स्वास्थ्य अधिकारी ओपी गौतम का कहना है कि सिपाही में कोरोना के लक्षण मिलने पर जीआरपी को स्वयं ही उसे जांच के लिए नहीं भेजना चाहिए था। स्टेशन के जिम्मेदारों  जिला प्रशासन व सीएमओ की जानकारी में मामले को डालना चाहिए था। परन्तु,जीआरपी ने रेल अफसरों तक को हवा नहीं लगने दी। यह नियमों के विपरीत काम है। सिपाही की कोरोना की रिपोर्ट मंगलवार तक आ जाएगी।