जितना कम गाड़ी चलाएंगे, उतना सस्ता होगा बीमा


कानपुर। लॉकडाउन ने बीमा का रूप भी बदलना शुरू कर दिया है। वर्क फ्राम होम कल्चर को देखते हुए बीमा कंपनियों ने नया प्लान तैयार किया है। अब गाड़ी की ड्राइविंग के आधार पर प्रीमियम तय होगा। इससे कम गाड़ी चलाने वाले ग्राहक का बीमा सस्ता हो जाएगा। एक निजी कंपनी ने ड्राइविंग के आधार पर प्रीमियम का प्लान पेश कर दिया है। सरकारी क्षेत्र की न्यू इंडिया एश्योरेंस सहित तीन अन्य कंपनियां भी जल्द इस प्लान को पेश करने की तैयारी में हैं।


वर्क फ्राम होम कल्चर से सड़कों पर गाड़ियों की भागदौड़ कम से कम 30 फीसदी घटने का अनुमान है। बीमा नियामक आईआरडीए (इरडा) ने जनरल इंश्योरेंस कंपनियों से कहा था कि गाड़ियों की कम ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए नया प्लान तैयार करें, जिसमें उसकी ड्राइविंग के आधार पर प्रीमियम तय किया जाए। यानी ज्यादा चलने वाली गाड़ी का ज्यादा प्रीमियम और कम चलने वाली का कम प्रीमियम। वर्तमान में गाड़ी की आयु के आधार पर प्रीमियम तय होता है।


यह योजना बीमा नियामक की सैंडबॉक्स परियोजना के तहत निजी कार मालिकों के लिए तैयार की गयी है। इस बीमा पॉलिसी में कार मालिक को उसकी कार की तय दूरी के किलोमीटर के हिसाब से प्रीमियम का भुगतान करना होगा। इसके तहत ग्राहक को एक साल में उसकी कार की तय की जाने वाली अनुमानित दूरी की पहले से जानकारी देनी होती है। उस आधार पर कंप्यूटरीकृत प्रणाली से प्रीमियम की राह तय होगी। कंपनी ने ग्राहकों के हिसाब से तीन स्लैब बनाए हैं- 2500 किमी, 5000 किमी और 7500 किमी। ग्राहकों को अपने इस्तेमाल के हिसाब से तीन उपलब्ध स्लैब में से एक को चुनना होगा। उन्हें ओडोमीटर की रीडिंग, केवाईसी डिटेल्स और सहमति फॉर्म भरना होगा। प्री-डिक्लेयर्ड स्लैब के मुताबिक प्रीमियम के आधार पर ओन डैमेज प्रीमियम की गणना होगी और पालिसी मिल जाएगी।