अस्पतालों में बुखार के रोगियों की होगी कोविड जांच- ICMR


नई दिल्ली। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने कोविड जांच को लेकर अपने नियमों को और व्यापक बनाया है। इसमें कहा गया है कि अस्पतालों में उन सभी मरीजों की कोविड जांच की जाए, जिनमें इनफ्लुएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) के लक्षण दिखें। हालांकि, अस्पतालों से यह भी कहा गया है कि वे किसी आपातकालीन चिकित्सा उपचार को कोरोना जांच के चलते लंबित नहीं करें।


आईसीएमआर ने सोमवार को कोविड जांच के लिए दिशा-निर्देश का पांचवा संस्करण जारी किया। इसमें अस्पतालों से कहा गया कि प्रसव समेत किसी भी आपातकालीन चिकित्सा को कोविड जांच के चलते रोकें नहीं, बल्कि उसे पूरा करें लेकिन नमूने जांच के लिए भेज दें। पुराने नियमों में एक बदलाव यह किया गया है कि मरीज के संपर्क में आए बिना लक्षण वाले लोगों की जांच अब पांचवें और दसवें दिन में करनी होगी।


पुराने नियमों के तहत यह टेस्ट पांचवें और 14वें दिन किया जाता था। लेकिन हाल ही में स्वास्थ्य मंत्रालय ने बिना लक्षण और हल्के लक्षण वाले रोगियों का उपचार दस दिन के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसलिए टेस्ट प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। आईसीएमआर ने कहा कि आईएलआई उन मामलों को माना जाएगा, जिनमें सांस लेने में तकलीफ हो, बुखार 38 डिग्री सेल्सियल हो और साथ में खांसी भी हो।


प्रवासियों का भी टेस्ट होगा- 
-आईसीएमआर ने यह भी कहा है कि घर लौटने वाले प्रवासियों में अगर इनफ्लुएंजा के लक्षण दिखाई देते हैं तो लक्षण उभरने के सात दिन के भीतर उनकी कोरोना जांच की जाएगी। हालांकि, जांच न हो पाने की स्थिति में प्रसव समेत अन्य आपातकालीन क्लीनिकल प्रक्रियाओं में देरी नहीं होनी चाहिए।