आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाई गई


नई दिल्ली। आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। इसके साथ ही ऑडिट की तारीख 31 अक्टूबर और विवाद से विश्वास योजना को 31 दिसंबर 2020 तक बढ़ाया गया है।


इतना ही नहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 20 लाख करोड़ रुपए के प्रोत्साहन पैकेज का ब्योरा देते हुए कहा कि आर्थिक पैकेज से वृद्धि को गति देने और एक आत्मनिर्भर भारत बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत होने का मतलब दुनिया के अन्य देशों से अपने को काटना नहीं है। वित्त मंत्री ने बताया कि करदाताओं को 18,000 करोड़ रुपए का रिफंड किया गया है, जिससे 14 लाख करदाताओं को लाभ मिला है।


प्रेस कॉन्फ्रेंस की अहम बातें
1. सूक्ष्म लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसमई) के बिना गारंटी के स्वचालित तीन लाख करोड़ रुपए का कर्ज, इससे 45 लाख एमएसएमई इकाइयों को लाभ मिलेगा। एमएसएमई को दिए जाने पर कर्ज को लौटाने के लिए एक साल की मोहलत दी जाएगी।


2. दबाव वाले एमसएएमई को 20,000 करोड़ रुपए का (बिना गारंटी के) कर्ज दिया जाएगा, इससे 2 लाख एमएसएमई लाभान्वित होंगे। वृद्धि क्षमता रखने वाली लघु और मझोली इकाइयों में एमएसएमई में एमएसएमई फंड ऑफ फंड के जरिए 50,000 करोड़ रुपए की शेयर पूंजी डाली जाएगी।


3. एमएसएमई परिभाषा को बदला जाएगा। निवेश सीमा का दायरा बढ़ाया जाएगा, कारोबार आधारित मानदंड पेश किया जाएगा। 25 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपए की इन्वेस्टमेंट कर जो 5 करोड़ तक का व्यापार करेगा माइक्रो यूनिट कहलाएगा। स्मॉल के लिए 10 करोड़ तक का निवेश और 50 करोड़ तक का व्यापार और मीडियम में 20 करोड़ तक का निवेश और 100 करोड़ तक के टर्नओवर का प्रावधान किया गया है।


4. गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, आवास वित्त कंपनियों और एमएफआई (सूक्ष्म वित्त संस्थान) के लिए 30,000 करोड़ रुपए के धन के उधार की सुविधा। एनबीएफसी को आंशिक क्रेडिट गारंटी योजना के जरिए 45,000 करोड़ रुपए की नकदी उपलब्ध कराई जाएगी।


5. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज में एक सुविधा दी गई थी कि 12-12% EPF कर्मचारी और नौकरी देने वाले को भारत सरकार देगी ये पहले तीन महीनों के लिए किया गया था, जिसे बढ़ाकर अगले तीन महीने जून, जुलाई और अगस्त तक कर दिया गया है। 3,67,000 ऐसी संस्थाओं के 72,22,000 ऐसे कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। इनको कुल मिलाकर 2500 करोड़ का लाभ मिलेगा।


6. EPF 12-12% से कम कर अगले तीन महीने तक 10 प्रतिशत कर दिया गया है। जो हमारे सरकारी संस्थान, PSU's और PSE's हैं उनमें ये 12% ही रहेगा। इससे कुल मिलाकर 6750 करोड़ का लिक्विडिटी सपोर्ट इनको मिलेगा। इस तरह कर्मचारियों के हाथ में ज्यादा पैसा आएगा।