यूपी में 15 अप्रैल से खुलेगा लॉकडाउन


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 15 अप्रैल से हम लॉकडाउन खोलने जा रहे हैं, पर लॉकडाउन खुलने पर अचानक भीड़ एकत्र ना हो इस पर अभी से काम करना होगा। मुख्यमंत्री ने राज्य के भाजपा सांसदों, मंत्रियों व विधायकों से इस बाबत लिखित सुझाव मांगे ताकि सरकार इसके आधार पर अपनी रणनीति बन सके। सीएम ने कहा कि अगर  तबलीगी जमात की अगर यह चीजें सामने नहीं आती तो अब तक हम यूपी में कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने में सफल हो गए थे। 


अफरातफरी का माहौल न बने इसपर जोर : 


मुख्यमंत्री ने रविवार की सुबह अपने आवास से सांसदों व मंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने व लाकडाउन से जुड़े अब तक हुए कामों के बारे में बताया। उन्होंने पूछा अगर लाकडाउन खोलने के लिए आपके पास कोई सुझाव है,तो आप लोग दीजिए। 15 अप्रैल के बाद भीड़ सड़कों पर न आने पाए। आप लोग अपने स्तर पर प्रयास करें इस किसी स्थिति में भी अफरातफरी का माहौल न हो। इसे चरणबद्ध तरीके से खोलने की तैयारी है। यकायक खोलकर कहीं जमावड़ा न हो, तो सारी मेहनत पर पानी फिर जाएगा।


सीएम ने कहा कि अब तक तबलीगी जमात से जुड़े लोगों ने  अव्यवस्था और अराजकता फैलाने का प्रयास किया है। हम इनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भरण पोषण भत्ते के रूप में 20 लाख से अधिक रजिस्टर्ड श्रमिकों को हमने सीधे 1000 रुपये उनके खाते में दिया है। सीएम ने कहा कि  लॉक डाउन की कार्रवाई सभी के सुरक्षित भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। लोग अब समझने लगे हैं कि  लॉक डाउन उनकी व  उनके परिवार की सुरक्षा के लिए है। सांसदों को स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देते हुए सीएम ने कहा कि एल टू लेवल के 51 हॉस्पिटल स्थापित किए जा चुके हैं जबकि एल थ्री लेवल के  6 हॉस्पिटल बनाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि आईसीएमआर ने पीपीई के यूपी में निर्माण को अनुमति दे दी है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के सुरक्षा उपकरण और वेंटिलेटर आदि यूपी में ही बनने शुरू होने जा रहे हैं।