यह निशान हो तो कुछ नहीं बिगाड़ पाते दुश्‍मन


हाथ में रेखाओं पर समय के साथ-साथ चिह्न बनते और खत्‍म होते रहे हैं। इन चिहनों का समय के साथ-साथ अपना अर्थ भी है। हाथ में बना कोई निशान व्‍यक्‍ति के भविष्‍य की ओर संकेत देता है। हाथ में ऐसे भी निशान बनते हैं जो विपदा के समय हमारी रक्षा करते हैं। ये निशान व्‍यक्‍तिगत और वैवाहिक जीवन में परेशानियों का इशारा और उन पर विजय के बारे में बताते हैं।


व्‍यक्‍ति के हाथ में मंगल पर्वत दो जगह होता है। एक तो जीवन रेखा के ठीक नीचे अंगूठे के पास वाले स्थान पर होता है। दूसरा हृदय रेखा के ठीक नीचे मस्तिष्क रेखा के पास वाले स्थान पर होता है। मंगल पर्वत की दबी हुई स्थिति साहस की कमी को दर्शाती हैख्‍ लेकिन इस पर्वत पर चतुष्कोण होने से साहस की कमी होने पर भी सफल होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं और शत्रुओं पर भी विजय प्राप्त होती है। इसी तरह हथेली में विवाह रेखा सबसे छोटी उंगली के नीचे बुध पर्वत पर स्थित होती है। यदि विवाह रेखा सीधी न हो और नीचे की ओर झुक रही हो या आकार में गोल हो रही हो तो यह स्थिति जीवनसाथी के स्वास्थ्य की दृष्‍टि से अच्‍छा संकेत नहीं है। लेकिन विवाह रेखा में यह दोष हो और उस पर चतुष्कोण बने तो जीवनसाथी के जीवन से जुड़ी परेशानियों में राहत प्रदान करता है। हथेली में भाग्य रेखा टूटी हो तो कार्यों में रुकावटें आती हैं। ऐसे में भाग्य रेखा के आस-पास ही चतुष्कोण बन जाए तो समस्याएं आती हैं, लेकिन वह सफलता भी मिल जाती है


(इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा। जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)