विधायक अब गरीबों का बैंक खाता पता कर डीएम को बताएंगे

लखनऊ। कोरोना वायरस संकट से निपटने के सरकार के अभियान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने विधायकों से सहयोग मांगा है। उन्होंने कहा कि 15 अप्रैल से जब लाकडाउन खुलेगा तो यह देखना होगा कि भीड़ और अफरातफरी जैसी स्थिति न बने, वरना सारी मेहनत पर पानी फिर जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि विधायक अपने क्षेत्र के रिक्शा चालक, सब्जी ठेले, खोमचे वाले, ई-रिक्शा चलाने वालों के बैंक खाता नंबर फोन पर ही पता कर लें और डीएम को बता दें ताकि इनके खाते में 1000 रुपये भेजे जा सकें।


सीएम ने कहा कि वह इन्हें पैसा देना चाहते हैं लेकिन इनके बैंक खातों का नंबर नहीं है। विधायक उन्हें भी चिन्हित करें जो किसी योजना के दायरे में नहीं आ पा रहे लेकिन यह सब काम भीड़ लगाकर नहीं केवल फोन व सोशल मीडिया के जरिए करना है। मुख्यमंत्री ने शनिवार शाम अपने आवास से भाजपा विधायकों व प्रदेश सरकार के मंत्रियों के संग वीडिया कांफ्रेंसिंग की और उनके विधानसभा क्षेत्र व प्रभार वाले जिले का हाल लिया।


योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विधायक कोविड केयर फंड में एक करोड़ रुपये अपने निधि से दें। साथ ही अपने एक माह का वेतन भी इसमें दें। सीएम ने कहा कि विधायक बताएं कि चरणबद्ध तरीके से लाकडाउन खोलने की स्थिति में पहले किन संस्थाओं को खोला जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण आपदा से लड़ाई बहुत लंबी है। इसीलिए वह स्वास्थ्य सेवाओं को बहुत व्यापक स्तर पर बढ़ाने जा रहे हैं।


केयर फंड में कम से कम डेढ़ हजार करोड़ तो अभी हो जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन में एक और नया वायरस आ गया है। उन्हें आशंका है कि इस साल नवंबर व दिसंबर में कोरोना का खतरा एक बार फिर आ सकता है। इस लिए बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना संकट से निपटने के लिए किए गए कामों व कमेटियों के बारे में जानकारी दी। कहा कि कोरोना के मामले में बढ़े हैं। तब्लीगी जमात के लोगों के कारण भी समस्या बढ़ी। इटली, अमेरिका, स्पेन में बहुत खराब हालात हैं। अब तक करीब 10 लाख श्रमिकों के खाते में 1000 रुपये भेज दिए हैं।