तब्लीगियों के सम्पर्क में था KGMU में भर्ती कोरोना पॉजिटिव, 65 मेडिकल स्टाफ क्वारंटाइन


लखनऊ । किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टर्स तथा अन्य मेडिकल स्टाफ की बड़ी टीम पर कोरोना पॉजिटिव होने का खतरा मंडरा रहा है। यह सभी लोग यहां पर एक कोरोना पॉजिटिव का इलाज करने में लगे थे। दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल के बाद अब यह दूसरा ऐसा मामला है। 


लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के ट्रामा सेंटर में बीते कई दिन से डॉक्टर्स की टीम के साथ अन्य मेडिकल स्टाफ कोरोना पॉजिटिव का इलाज करने लगे थे। आज जब इन सभी को मरीज के कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी मिली तो सभी के होश उड़ गए। इस मरीज को किसी बड़े डॉक्टर की ही सिफारिश पर भर्ती किया गया था। कल कोरोना टेस्ट के लिए इसका सैंपल भेजा गया था। आज जब रिपोर्ट आई तो सभी की हालत खराब हो गई। इसके बाद सभी को क्वारंटाइन में भेजा गया है। कोरोना पॉजिटिव की हालत बेहद गंभीर है। उसको आइसोलेशन सेंटर में भर्ती किया गया है। वह कोरोना वार्ड में वेंटिलेटर पर है। 


तब्लीगियों के सम्पर्क में था मरीज


जिस डाटबिटीज व सांस के मरीज का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है, वह तब्लीगियों के सम्पर्क में था। उसका तब्लीगी कनेक्शन सामने आया है। वह चौक क्षेत्र की एक मस्जिद में दिल्ली से लौटे तब्लीगी जमात के लोगों से मिलने गया था। सांस लेने में परेशानी होने पर शनिवार को उसको ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। वहां पर जूनियर डॉक्टर ने भर्ती करने से मना कर दिया था, तब एक मुस्लिम सीनियर शिक्षक ने जोर देकर उसको भर्ती कराया था।


डॉक्टर तथा स्टाफ मिलाकर कुल 65 लोग इस मरीज के सम्पर्क में आए थे। चौक निवासी मरीज़ को डायबिटीज थी। उसे सांस लेने में तकलीफ हुई। शनिवार शाम को संस्थान के ही मेडिसिन विभाग के डॉक्टर की सिफारिश पर ट्रामा सेंटर में जूनियर डॉक्टर ने भर्ती कर लिया। सांस की समस्या वाले हर मरीज में कोरोना का टेस्ट होता है। आज उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद हड़कंप मच गया। डॉक्टर, स्टाफ अन्य मरीज मिलाकर 52 लोग को क्वारंटाइन में भेजा गया है। मेडिसिन वार्ड बंद कर दिया गया है। ट्रामा सेंटर में तो कोरोना वायरस संदिग्ध को भी भर्ती नहीं करते हैं। इस मरीज को संस्थान के डॉक्टर की सिफारिश पर भर्ती किया गया था।


प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जहां हर रोज फिजिकल डिस्टेसिंग का अनुरोध करते फिर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में मेडिकल स्टॉफ के ही संक्रमित होने से मामला काफी गंभीर हो रहा है। प्रदेश में इस बीच मोहल्ले और गांव में डोर टू डोर हेल्थ सेवा प्रदान करने की योजना भी तैयार की जा रही है। प्रदेश में वर्तमान समय में कैंसर तथा अन्य गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।


इससे पहले दिल्ली के मैक्स साकेत अस्पताल में चार मेडिकल स्टॉफ कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इनमें एक डॉक्टर, दो नर्स तथा एक सहयोगी स्टॉफ है। मैक्स के 39 मेडिकल स्टाफ को क्वारंटाइन किया गया है। यह सभी दो कोरोना संक्रमितों के सम्पर्क में आए थे।