तब्लीगी जमातियों की तलाश में बार्डर पर अलर्ट, नेपाल जाने के प्रयास में 12 कुशीनगर में क्वॉरंटाइन

पुलिस के सख्त होने के बाद अब दिल्ली में तब्लीगी जमात में शिरकत करने वाले पड़ोस से देशों में भागने के प्रयास में बार्डर के जिलों में एकत्र हैं।



लखनऊ । दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में तब्लीगी जमात के लोग उत्तर प्रदेश में पुलिस का शिकंजा कसने के बाद अब दूसरे राज्य या फिर नेपाल भागने के प्रयास में हैं। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण लॉकडाउन में मुस्तैद पुलिस ने इनको अपनी गिरफ्त में लिया है।


उत्तर प्रदेश में पुलिस के सख्त होने के बाद अब दिल्ली में तब्लीगी जमात में शिरकत करने वाले पड़ोस से देशों में भागने के प्रयास में बार्डर के जिलों में एकत्र हैं। यूपी के कुशीनगर में नेपाल भागने की फिराक में गन्ने के खेतों में छुपे 12 जमातियों को रामकोला और कप्तनागंज थाने की पुलिस ने हिरासत में लिया है। इन सभी को जमातियों को रामकोला के पास बने क्वॉरंटाइन सेंटर में रखा गया है। इस सेंटर में सभी जमातियों की स्क्रीनिंग भी की गई। जमाती पड़ोसी देश नेपाल के सिरहा जिले के रहने वाले हैं। यह सब फरवरी में कुशीनगर आये थे। तभी से विभिन्न मस्जिदों में नमाज पढ़ाते थे। लॉकडाउन होने के बाद भी ये मस्जिदों में छिपे थे और मौका देखकर नेपाल भागने की फिराक में लग गए थे।


रामकोला थाना क्षेत्र के चंदरपुर गांव के पास शुक्रवार को 14 नेपाली मौलवी को ग्रामीणों ने खेत के रास्ते जाते वक्त देखकर शोर मचाया और इसकी सूचना रामकोला पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने इन सभी को पास के क्वॉरंटाइन सेंटर पर भेजा। उन सभी ने बताया की 23 फरवरी को वह नेपाल से बिहार होते हुए यूपी में आये थे। आधा दर्जन से ऊपर मस्जिदों में रहकर जमात करने की बात स्वीकार की। कप्तानगंज के उप जिलाधिकारी अरविंद कुमार चिकित्सकीय टीम के साथ पहुंचे और सभी की थर्मल जांच कराई।


नेपाल के सिरहा के रहने वाले मोहम्मद जखीर अंसारी, मोहम्मद अलाउद्दीन, मोहम्मद अहमद हुसैन, मोहम्मद रहमतुल्लाह खां, नेयमुलाह खां, जासीम, इब्राहिम, अख्तर, इदरीश, इसराफिल, हजमा,फ्रमुद , नाजिर तथा मोहम्मद आरिफ अंसारी के सहित 41 जमाती 15,16, 17 फरवरी को नेपाल में इस्तेमा जमात में एक लाख लोगों के साथ शामिल हुए थे। उसके बाद 19 फरवरी को वहां से निकले और 23 फरवरी को नेपाल बॉर्डर पार कर बिहार के रक्सौल होते हुए प्रदेश में प्रवेश किया। सभी जमातियों को पुलिस निगरानी में रखा गया है।


महराजगंज के संक्रमित जमातियों के चार गांवों की सीमा सील


दिल्ली के निजामुद्दीन के तब्लीगी मरकज में शामिल होकर घर लौटे महराजगंज जिले के कोल्हुई व पुरंदरपुर क्षेत्र के 21 लोगों में से छह कोरोना से संक्रमित मिले। जिला महिला अस्पताल के क्वारंटाइन वार्ड में भर्ती इन जमातियों को सीएचसी जगदौर में बनाए गए विशेष आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। उधर प्रशासन ने सतर्कता बढ़ाते हुए संबंधित चारों गांवों की सीमा सील कर दी है। एक अप्रैल को तब्लीगी मरकज से लौटे कोल्हुई थाना क्षेत्र के कम्हरिया बुजुर्ग, सोनपिपरी खुर्द, एकसड़वा , बड़हरा इंद्रदत्त तथा पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के विशुनपुर फुलवरिया व विशुनपुर कुर्थियां निवासी कुल 21 लोगों को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महिला अस्पताल के क्वारंटाइन वार्ड में भर्ती कराया था।


चिकित्सकों की निगरानी में गुरुवार को सभी की जांच के लिए नमूना लिया गया। जिसमें छह लोग कोरोना पाजिटिव पाए गए हैं, जबकि चार अन्य की रिपोर्ट अत्यंत संदिग्ध है। इनकी दोबारा जांच कराई जाएगी। जिलाधिकारी डा. उज्ज्वल कुमार व पुलिस अधीक्षक रोहित सिंह सजवान ने कहा कि कोरोना से कोई अन्य व्यक्ति प्रभावित न हो, इसके मद्देनजर कोरोना पाजिटिव पाए गए लोगों के संबंधित गांव बड़हरा, कम्हरिया बुजुर्ग तथा पुरंदरपुर थाना क्षेत्र विशुनपुर फुलवरिया और विशुन कुर्थिया में पूरी तरह से लाकडाउन करते हुए सीमा सील कर दी गई है। गांवों के तीन किलोमीटर के परिक्षेत्र में आवागमन में पाबंदी लगा दी गई है।