तबलीगी जमात के मौलाना साद की खुली पोल, वीडियो में लोगों को भड़काते दिखे


नई दिल्ली। दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तबलीगी जमात के मरकज में एक बड़ी धार्मिक सभा की अगुवाई करने वाले मौलाना साद की पोल खुल गई है। सोशल मीडिया पर मौलाना का एक ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह लोगों को भड़काते हुए सुनाई दे रहे हैं। इससे पहले तबलीगी जमात ने अपनी सफाई में कहा था कि हमने लगातार पुलिस और अधिकारियों को जानकारी दी थी कि हमारे यहां लोग रुके हुए हैं। वह लोग पहले से यहां आए हुए थे। उन्हें अचानक इस बीमारी की जानकारी मिली। 


वायरल ऑडियो में मौलाना साद कह रहे हैं कि यह समय अल्लाह से माफी मांगने का है। इस बात पर क्यों आपको यकीन हो गया कि मिलेंगे तो बीमारी फैल जाएगी। मस्जिदें और बैठकें बंद नहीं कर सकते, लोग मस्जिदों में आना और नमाज जारी रखें। वह यह भी कर रहे हैं यह जमात के खिलाफ साजिश है। हालांकि, यह पता नहीं चल सका है कि यह ऑडियो किस दिन का है।


मौलाना कह रहे हैं कि यह मौका इसका नहीं है कि डॉक्टरों की बात में आकर नमाज अदा करना और  मिलना-जुलना बंद कर दें। यह अछूत बनने और बनाने का वक्त नहीं है। यह मौका मस्जिदों को अबाद करने का है, मस्जिदों को छोड़ने और बिखरने देने का नहीं है।
 
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने एक विडियो जारी कर यह साफ कर दिया था कि तबलीगी जमात के लोगों को पहले ही चेतावनी दी गई थी कि वे जल्द से जल्द मरकज को खाली कर दें। पुलिस की ओर से जारी किया गया यह वीडियो 23 मार्च का है। इसमें दिल्ली पुलिस की तरफ से मरकज के सदस्यों से यह पूछा जा रहा है कि अब तक कितने लोगों और कहां-कहां से वहां पर ठहरे हुए हैं। साथ ही, दिल्ली पुलिस ने उन लोगों से जल्द उसे खाली न करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दे रही है।


आज सुबह तक चला पुलिस का ऑपरेशन


तबलीगी जमात में शामिल हुए कई लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि होने के बाद आज सुबह छह बजे तक दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशन चलाया। इस ऑपरेशन के तहत पुलिस ने अभी तक 2317 लोगों को हटाया है और 600 से अधिक लोगों को अस्पताल भेज दिया गया है। तबलीगी जमात के मरकज में शामिल हुए 93 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जिसके बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया है।


वहीं, दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि निजामुद्दीन के आलमी मरकज़ में 36 घंटे का सघन अभियान चलाकर सुबह चार बजे पूरी बिल्डिंग को ख़ाली करा लिया गया है। इस इमारत में कुल 2361 लोग निकले। इसमें से 617 को अस्पताल में और बाक़ी को क्वारंटाइन में भर्ती कराया गया है। उन्होंने आगे लिखा कि करीब 36 घंटे के इस ऑपरेशन में मेडिकल स्टाफ़, प्रशासन, पुलिस, डीटीसी स्टाफ़ सबने मिलकर, अपनी जान जोखिम में डालकर काम किया। इन सबको दिल से सलाम।