सूंघने और स्वाद के भाव का खोना है COVID-19 का शुरुआती लक्षण

शोधकर्ताओं ने हाल ही में सूंघने और स्वाद चखने के भाव के खोने और कोरोना वायरस के बीच के संबंध का पता लगा लिया है। 



दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच हाल ही में इस बीमारी के कुछ नए लक्षणों के बारे में एक रिसर्च में खुलासा हुआ था। हफतों पहले कई लोगों ने सूंघने और स्वाद चखने का भाव खो दिया था और वह अब भी इस भाव के वापस आने का इंतज़ार कर रहे हैं। शोधकर्ताओं ने हाल ही में सूंघने और स्वाद चखने के भाव के खोने और कोरोना वायरस के बीच के संबंध का पता लगा लिया है और उनका मानना है कि इन भाव का खोना इस ख़तरनाक बीमारी का शुरुआती लक्षण हो सकता है।   


दिलचस्प बात ये है कि, शोध में ये भी पाया गया कि जो इंसान लगातार गले में खराश महसूस कर रहा था, टेस्ट करने पर वह कोरोना वायरस से पॉज़ीटिव नहीं पाया गया।  


यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया-सैन डिएगो की टीम ने COVID-19 के रोगियों में पाया कि जो लोग सूंघने और स्वाद चखने के भाव के खोने की शिकायत कर रहे थे, उनमें ये लक्षण हल्के नहीं थे बल्कि काफी गंभीर थे। 


यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया-सैन डिएगो शोधकर्ता कैरल यान ने बताया, "शोध के आधार पर, अगर आपकी सूंघने और स्वाद चखने का भाव खो रहा है, तो इसका मतलब आपको कोरोना वायरस इंफेक्शन होने का ख़तरा सबसे ज़्यादा है। जबकि कोरोना वायरस का सबसे आम और शुरुआती लक्षण अभी भी बुखार है, लेकिन थकावट और सूंघने व स्वाद चखने के भाव का ख़त्म होना भी अब एक अहम शुरुआती लक्षण बन गया है।"  


उन्होंने ये भी कहा, "हम जानते हैं कि COVID-19 एक बेहद तेज़ी से फैलने वाला वायरस है। यह अध्ययन सूंघने और स्वाद के नुकसान को भी COVID-19 के शुरुआती लक्षणों में शामिल करने का समर्थन करता है।" 


निष्कर्षों के लिए, रिसर्च की टीम ने 1,480 मरीज़ों का सर्वेक्षण किया, जिनमें फ्लू जैसे लक्षण थे और कोरोना वायरस के इंफेक्शन के ख़तरे की वजह से 3 मार्च से 29 मार्च तक टेस्ट से गुज़रे थे। टेस्ट के नतीजों में इसमें से 102 मरीज़ कोरोना वायरस पॉज़ीटिव पाए गए और 1,378 नेगेटिव।  


इस लक्षण की अच्छी बात ये है, कि इसके ठीक होने के आसार काफी ज़्यादा हैं और इंफेक्शन के होने के दो से चार हफ्तों में नज़र आने लगता है। यान ने कहा, "शोध में ये भी पाया गया कि सूंघने और चखने का भाव खोना COVID-19 इंफेक्शन से ही जुड़ा हुआ है, लेकिन मरीज़ इससे तेज़ी से उबर भी जाते हैं।"  


"COVID-19 के जिन मरीज़ों ने सूंघने और चखने के भाव के खोने की शिकायत की थी, उनमें से 70 प्रतिशत से अधिक सर्वे के समय इस समस्या से उबर चुके थे और जो अब भी इससे जूझ रहे थे, वो हाल ही में कोरोना वायरस के शिकार हुए थे।" यानी कोरोना वायरस के इंफेक्शन से उबरते ही उनके सूंघने और स्वाद चखने का भाव वापस आ गया था।


वायरस के फैलने को रोकने के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया-सैन डिएगो ने विज़िटर और स्टाफ की स्क्रीनिंग के समय सूंघने और स्वाद चखने के भाव को भी जांचने की सलाह दी है।