स्नान करने के बाद भूलकर भी न करें ये 5 काम, वायुपुराण में बताए गए हैं कारण


नहाना हमारी दिनचर्या का हिस्सा है। इससे सेहत के अलावा कई धार्मिक पहलू भी जुड़े हुए हैं। शास्त्रों और पुराणों में नहाने के बाद कई कामों को करने की मनाही की गई है। आइए, जानते हैं उनके बारे में- 


नहाने के बाद न तोड़ें फूल 
वायु पुराण में बताया गया है कि आपको भगवान पर चढ़ाने के लिए फूल स्नान से पहले ही तोड़कर रख लेने चाहिए। माना जाता है कि स्नान के बाद तोड़े गए पुष्पों को भगवान स्वीाकार नहीं करते। साथ ही यह भी कहा जाता है कि पुष्पों को कभी धोया नहीं जाता है।


पूजा के बर्तन न धोएं
पूजा के बर्तन और थाली स्नान से पहले ही साफ कर लेने चाहिए। दरअसल, भगवान के बर्तनों को भी जूठा माना जाता है। स्नान के बाद इन्हें साफ नहीं करना चाहिए। जूठे बर्तनों के स्नान के बाद छूने से शरीर अशुद्ध हो जाता है।


नहाने के बाद शरीर पर न लगाएं तेल
शास्त्रों  में बताया गया है कि अगर आप शरीर पर मालिश करना चाहते हैं, तो आपको वह स्नान से पहले ही कर लेनी चाहिए। भूल से भी नहाने के बाद मालिश नहीं करनी चाहिए। दरअसल, तेल मालिश करने से शरीर से कई दूषित पदार्थ बाहर आते हैं, इसलिए नहाने के बाद मालिश करने पर ये साफ नहीं हो पाते हैं, तो इस वजह से त्वचा के रोग होने की आशंका रहती है। 


स्नान के बाद न साफ करें वस्त्र
स्नान करने के बाद न ही अपने वस्त्र  साफ करने चाहिए और न ही भगवान के। माना जाता है कि स्नान के बाद यदि आप पहने हुए कपड़ों को साफ करते हैं, तो आपका भी शरीर अपवित्र हो जाता है। उसके बाद आप पूजा नहीं कर सकते इसलिए आपको स्नान करने से पहले ही अपने और भगवान दोनों के कपडे़ साफ कर लेने चाहिए।


तुलसी का पत्ता न तोड़ें 
तुलसी का पत्ता स्नान किए बिना नहीं तोड़ना चाहिए। वायु पुराण में बताया गया है कि बिना स्नान किए तुलसी का पत्ता तोड़ने पर भगवान नाराज होते हैं और तुलसी पत्ता स्वीकार नहीं करते हैं।