सरकार ने आज से शुरु किया मुफ्त राशन वितरण

गरीब य मजदूरों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के बाद अब बुधवार से सरकार मजदूरों और गरीबों को योगी आदित्यनाथ सरकार मुफ्त राशन देगी। 



लखनऊ। कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के बीच देश में 21 दिन के लॉकडाउन में प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार हर वर्ग के साथ सूबे के गरीबों के प्रति भी बेहद संवेदनशील है। इन गरीब य मजदूरों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के बाद सरकार ने बुधवार को मजदूरों और गरीबों को मुफ्त वितरण शुरू कर दिया है। गांव के साथ ही शहरों में राशन लेने वालों की कतार लगी हैं।राशन वितरण के लिए प्रत्येक उचित दर की दुकान के लिए जिलाधिकारी की ओर से नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है। नोडल अधिकारी और ग्राम प्रधान की मौजूदगी में उचित दर विक्रेता राशन वितरण कराएंगे।


योगी आदित्यनाथ सरकार लॉकडाउन से प्रभावित ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के मजदूरों और गरीबों को आज से मुफ्त राशन वितरण शुरू कर रही है। इससे पहले योगी आदित्यनाथ सरकार करोड़ों मजदूरों के खाते में एक-एक हजार रुपये भेज चुकी है। लॉकडाउन से प्रभावित प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के 1.65 करोड़ से ज्यादा मजदूरों को सरकार की ओर से पहली अप्रैल से खाद्य एवं रसद विभाग मुफ्त राशन वितरण शुरू करेगा। उत्तर प्रदेश में अंत्योदय योजना और मनरेगा के दायरे में आने वाले मजदूर जो श्रम विभाग में पंजीकृत है। इसके अलावा निर्माण श्रमिकों और शहरी क्षेत्र के राशन कार्डधारक दिहाड़ी मजदूरों को योगी आदित्यनाथ सरकार मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाया है।


प्रदेश के बाकी राशक कार्ड धारकों को पहले की तरह तीन रुपये प्रति किलो चावल और दो रुपये प्रति किलो गेहूं दिया जाएगा। हालांकि, कोरोना के चलते किए गए लॉकडाउन की वजह से केंद्र सरकार की ओर से सभी राशन कार्डधारकों को 15 अप्रैल से फ्री खाद्यान्न दिया जाएगा। इस तरह अगले तीन माह तक हर महीने दो बार अनाज बांटे जाने की योजना है। अब हर महीने की पहली तारीख से पहले की तरह से सशुल्क और 15 तारीख से प्रति व्यक्ति पांच किलो खाद्यान्न बंटेगा। इस तरह से महीने में दो बार राशन दिया जाएगा।


कोरोना से बचाव के लिए घोषित लॉकडाउन के कारण आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियां ठप हो गई हैं। इससे मजदूर वर्ग के सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एलान किया था कि अंत्योदय योजना और मनरेगा के दायरे में आने वाले मजदूरों, श्रम विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और शहरी क्षेत्र के राशन कार्डधारक दिहाड़ी मजदूरों को राज्य सरकार निशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराएगी। इसी क्रम में राज्य सरकार की ओर से मजदूरों को बुधवार से निश्शुल्क खाद्यान्न वितरण शुरू होगा। बाकी कार्ड धारकों को पहले की तरह तीन रुपये प्रति किलो चावल और दो रुपये प्रति किलो गेहूं दिया जाएगा।


दूसरी ओर केंद्र सरकार की ओर से सभी राशन कार्डधारकों को 15 अप्रैल से निश्शुल्क खाद्यान्न दिया जाएगा। इस तरह अगले तीन माह तक हर महीने दो बार अनाज बांटा जाएगा। हर महीने की पहली तारीख से पहले की तरह से सशुल्क और 15 तारीख से प्रति यूनिट पांच किलो निश्शुल्क खाद्यान्न बंटेगा।


राशन वितरण में सोशल डिस्टेंसिंग


जिलाधिकारियों को निर्देश दिये गए हैं कि खाद्यान्न वितरण के दौरान कहीं भी पांच से अधिक लाभार्थी इक_ा न हों और वे आपस में सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें। राशन की दुकानों पर भीड़ न हो और सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे, इसके लिए प्रत्येक दुकानदार रोस्टर के हिसाब से राशन वितरित करेगा। सरकार की ओर सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खाद्यान्न वितरण के दौरान कहीं भी पांच से अधिक लाभार्थी एकत्रित न हों और वे आपस में सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें। राशन की दुकानों पर भीड़ न हो और सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे। इसके लिए प्रत्येक कोटेदार रोस्टर के हिसाब से राशन वितरित करेगा। यदि किसी व्यक्ति, परिवार, समुदाय, कस्बा या कॉलोनीवासियों को होम क्वारंटाइन किया गया है तो उस तक होम डिलीवरी के माध्यम से राशन पहुंचाया जाएगा।


सैनिटाइजर तथा साबुन की भी व्यवस्था


अनाज वितरण के दौरान हर मजदूर के हाथ साफ कराने के लिए सैनिटाइजर या साबुन और पानी की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही अनाज वितरण के दौरान हर मजदूर के हाथ साफ कराने के लिए सैनिटाइजर या साबुन और पानी की व्यवस्था कोटेदार को करने के लिए आदेश दिया गया है।


होम डिलीवरी के माध्यम से राशन


कोरोना संक्रमण के चलते किसी व्यक्ति, परिवार, समुदाय, कस्बा या कॉलोनीवासियों को होम क्वारंटाइन किया गया है तो ऐसी स्थिति में उस तक होम डिलीवरी के माध्यम से राशन पहुंचाने का निर्देश है। राशन वितरण के लिए प्रत्येक उचित दर की दुकान के लिए जिलाधिकारी की ओर से नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है। ऐसे में नोडल अधिकारी और ग्राम प्रधान की मौजूदगी में उचित दर विक्रेता राशन वितरण कराएंगे।


किसानों को राहत, बीज खरीद पर 50 फीसद अनुदान


किसानों को खरीफ फसलों की बोआई के लिए बीज खरीद पर 50 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जाएगा। किसानों को यह मदद डीबीटी के जरिये सीधे बैंक खातों में मिलेगी। इसके लिए 24.46 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत कर दी गई है। कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने बताया कि कोरोना संकट के दौरान जायद व खरीफ की बोआई के लिए किसानों को किसी प्रकार समस्या नहीं आने दी जाएगी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत किसानों को धान व तिलहन आदि की बोआई के लिए 50 प्रतिशत अनुदान पर बीज उपलब्ध कराया जाएगा। अनुदान की धनराशि किसानों को सीधे बैंक खातों में उपलब्ध करायी जाएगी। इसके लिए 24 करोड़ 46 लाख 44 हजार रुपये की धनराशि मंजूर की गई है।


शाही ने बताया कि किसानों की बीज, कीटनाशक रसायन व खादों की उपलब्धता में कोई परेशानी न हो इसलिए लॉकडाउन के दौरान भी दुकानें खोलने की अनुमति दी गई है। सभी जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि मंडी व क्रय केंद्रों पर जाने वाले किसानों को आवागमन से रोका न जाए। आलू भंडारण में अनावश्यक रुकावट डालने वालों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि गेहूं कटाई के किसानों की सुविधा के लिए कंबाइन हार्वेस्टर व अन्य मशीनों को इधर से उधर ले जाने कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी। राजकीय कृषि फार्मों के लिए भी 12 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए है।


सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेंगे 18 केवीके


कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने बताया कि मेरठ, अयोध्या, कानपुर व बांदा कृषि विश्वविद्यालयों से संबद्ध 18 कृषि विज्ञान केंद्रों को सेंटर आफ एक्सीलेंस के तौर पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक कृषि विज्ञान केंद्र को 25 लाख रुपये दिए गए हैैं। शाही ने इन विज्ञान केंद्रों में जल्द काम शुरू होने का दावा किया है।