कोरोना संक्रमित तब्लीगी जमात के सदस्याें का दवा खाने से इनकार

कोरोना वायरस पाजिटिव तब्लीगी जमात के लोगों ने डॉक्टरों से कहा दवा खाने की मनाही है।



कानपुर । हैलट के कोविड-19 हॉस्पिटल में भर्ती कोरोना संक्रमित तब्लीगी जमात के मरीज डॉक्टरों के लिए संकट बन गए हैं। पहले तो जगह जगह घूमकर संपर्क में आए लोगों को खतरे में डाल दिया है और अब खुद भी दवाएं खाने से इनकार कर रहे हैं। इलाज करने वाले डॉक्टरों को दवा खाने की मनाही का हवाला देते हुए लौटा रहे हैं और सिर्फ खाना पानी देने की बात कह रहे हैं। इससे परेशान होकर अस्पताल प्रशासन ने सीएमओ को रिपोर्ट भेजी है।


शहर में मिले तब्लीगी जमात के लोगों को क्वारंटाइन करके नमूना जांच के लिए भेजा गया था, जिसमें छह लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसपर कोरोना संक्रमित मिले तब्लीगी जमात के छह सदस्यों को हैलट के कोविड-19 हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। सभी छह संक्रमित में चार को रामा मेडिकल कॉलेज और दो को पनकीनारायणा मेडिकल कॉलेज से यहां शिफ्ट किया गया है। सभी को हास्पिटल के ऊपरी मंजिल में अलग-अलग कक्ष में रखा गया है।


डॉक्टरों ने उन्हें शुक्रवार रात और शनिवार सुबह तक दवाओं की चार डोज दीं, जिसे उन्होंने लौटा दिया। इलाज करने वाले डॉक्टरों के मुताबिक जमात के सदस्यों का कहना है कि यह दवाएं खाना वर्जित है, इसलिए नहीं खाएंगे। सिर्फ खाना और पानी दो, वही लेंगे। ऐसे में डॉक्टरों ने हैलट के प्रमुख अधीक्षक प्रो. आरके मौर्या को रिपोर्ट भेजकर अवगत कराया है। डॉक्टरों का कहना है कि इससे उनकी हालात और बिगड़ सकती है। दवाएं नहीं खाने से कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ने से खतरा हो सकता है।


इससे उनका कोविड-19 हॉस्पिटल में इलाज मुश्किल हो जाएगा। हैलट प्रमुख अधीक्षक प्रो. आरके मौर्या का कहना है कि कोरोना संक्रमित मरीजों से यहां के हालात खराब होते जा रहे हैं। दवाएं नहीं खाने से संक्रमण और बढ़ सकता है, जो उनके लिए घातक हो सकता है‌। सीएमओ से उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट करने का सुझाव देंगे, इसमें सिर्फ ओरल दवाएं ही चलती हैं।