कोरोना लॉकडाउन का उल्लंघन कर रहे बाप की बेटे ने कर दी दिल्ली पुलिस से शिकायत


नई दिल्ली। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए एक बेटे ने अपने ही पिता को जेल पहुंचाया दिया। पिता बार-बार मना करने पर भी देश में लागू लॉकडाउन (Coronavirus Lockdown) का पालन नहीं कर रहा था और घर से बाहर घूमने के लिए जा रहा था। इससे परेशान होकर युवक ने अपने पिता के खिलाफ वसंतकुंज थाने में 1 अप्रैल को एफआईआर दर्ज करवा दी, जिसके बाद पुलिस ने युवक के पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।


पुलिस उपायुक्त देवेन्द्र आर्या ने बताया कि अभिषेक सिंह अपने परिवार के साथ दीप अपार्टमेंट रजौकरी गांव में रहता है। अभिषेक सिंह एक ऑटोमोबाइल कम्पनी में अस्सिटेंट मैनेजर हैं। अभिषेक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके पिता 59 वर्षीय वीरेन्द्र सिंह उनके साथ ही रहते हैं। कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते पूरा परिवार घर में ही रहता है, जबकि उसके पिता वीरेन्द्र सिंह मना करने के बाद भी घर से बाहर घूमते रहते हैं। 1 अप्रैल की रात 8 बजे वीरेन्द्र मना करने के बाद भी घर से बाहर जा रहा था।


अभिषेक और परिवार के कई सदस्यों ने उन्हें कई बार रोका और कोरोना वायरस के खतरे से आगाह किया, लेकिन वह नहीं माना और बाहर निकल गया। अभिषेक वीरेन्द्र को रोकने के लिए उसके पीछे गया। जहां दोनों को पुलिस ने पकड़ लिया। अभिषेक ने पुलिस कर्मियों को पूरी बात बताई और अपने पिता के खिलाफ शिकायत देकर कार्रवाई करने की गुजारिश की। वसंतकुंज साऊथ थाना पुलिस ने बेटे की शिकायत पर पिता के खिलाफ महामारी एक्ट और आईपीसी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।


द्वारका में 21 एफआईआर दर्ज


वहीं, दिल्ली पुलिस ने COVID-19 होम क्वारंटाइन के नियम और शर्तों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ द्वारका जिले के विभिन्न थानों में 21 एफआईआर दर्ज की हैं। उल्लंघनकर्ताओं पर भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं और महामारी रोग अधिनियम की धारा 3 के तहत मामले दर्ज किए जा रहे हैं।


गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस महामारी को फैलने से रोकने के लिए 24 मार्च की मध्यरात्रि से देशभर में 21 दिन के बंद की घोषणा की थी। इसमें लोगों के बिना उचित कारण घरों से बाहर निकलने और चार से ज्यादा लोगों के एक साथ एकत्रित होने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। सभी मंदिर-मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारों को भी इस लॉकडाउन में शामिल किया गया है और वहां पर लोगों के पूजा-अर्चना और नमाज आदि कार्यों पर रोक लगा दी गई है। केवल जरूरी वस्तुओं आपूर्ति और जरूरी सेवाओं में शामिल लोगों को ही इससे छूट दी गई है।


इसके बावजूद लोग लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहे हैं। आए दिन इसके अनेक उदाहरण देखने को मिल रहे हैं। इनसे निपटना पुलिस के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य साबित हो रहा है।