केजीएमयू में कोरोना मरीजों की जांच रिपोर्ट में गड़बड़झाला


लखनऊ। कोरोना के कहर को भी केजीएमयू गंभीरता से नहीं ले रहा है। कोरोना जांच रिपोर्टिंग की व्यवस्था बेपटरी हो गई है। हालात यह हैं कि अप्रैल में नमूने भेजे गए। उसकी जांच रिपोर्ट में मार्च की तारीख का जिक्र कर दिया। इस तरह की गड़बड़ियां लगागार हो रही हैं। इससे पूरी जांच पर सवाल खड़े हो गए हैं।केजीएमयू में रोजाना 200 से ज्यादा नमूनों की जांच हो रही है। प्रदेश के कई जिलों से नमूने जांच के लिए आ रहे हैं। लिहाजा 24 घंटे जांच का काम चल रहा है। जूनियर के भरोसे पूरी व्यवस्था है। इसका खामियाजाा दूसरे जिलों के सीएमओ और सीएमएस को झेलनी पड़ रही है। महामारी के आंकड़े जुटाने में भी अड़चन आ रही है। चार अप्रैल को सीतापुर से जांच के लिए नमूने केजीएमयू भेजे गए थे। इसमें आठ लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। केजीएमयू ने जो रिपोर्ट संबंधित जिले को भेजी उसमें तीन मार्च में जिक्र किया। रिपोर्ट देखकर अफसर चकरा गए। कर्मचारियों को जिम्मेदारी माइक्रोबायोलॉजी विभाग के तहत कोरोना की जांच हो रही है। विभाग में वरिष्ठ डॉक्टरों की फौज है। इसके बावजूद कोरोना की जांच की रिपोर्टिंग में लापरवाही बरती जा रही है। वरिष्ठ डॉक्टर टेक्नीशियन व कर्मचारियों के भरोसे काम छोड़ रहे हैं। इसकी वजह से लगातार रिपोर्टिंग में गड़बड़ियां सामने आ रही हैं।लगातार लापरवाही-बॉलीवुड गायिका कनिका कपूर की जांच रिपोर्ट में उम्र गलत दर्ज मिली थी। कनिका को पुरुष दिखाया गया था।-बलरामपुर व सिविल में कोरोना संक्रमित को भर्ती दिखाया गया। जबकि यहां मरीज नहीं थे-फैजाबाद रोड स्थित निजी अस्पताल में एक कोरोना पॉजटिव को भर्ती दिखा दिया। जबकि मरीज अस्पताल में भर्ती नहीं था।