कल है गुड फ्राइडे, जानें गुड फ्राइडे के बारे में


इस बार गुड फ्राइडे 10 अप्रैल को है।  कई जगह इसे ब्लैक डे और ग्रेट फ्राइडे भी कहा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था। गुड फ्राइडे से एक दिन पहले Maundy Thursday  मनाया जाता है। गुड फ्राइडे ईस्टर से एक दिन पहले मनाया जाता है। पहले Maundy Thursday के दिन बुजुर्गों के पैर धोने का रिवाज है। इस बार कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण घरों में गुड फ्राइडे मनाया जाएगा। इस दिन चर्चों में पादरी काले रंग के कपड़े पहनते हैं। गुड फ्राइडे शोक प्रकट करने का दिन है इसलिए इस दिन कई लोग व्रत भी रखते हैं।


इस दिन लोग प्रार्थना करते हैं और हर कोई इस दिन ईसा मसीह के त्याग को याद करता है। गुड फ्राइडे के दिन लोग मीट नहीं खाते बल्कि इस दिन पारंपरिक भोजन खाया जाता है। वहीं कुछ लोग इस दिन मीट की जगह मछली खाते हैं। 


ऐसा कहा जाता है कि प्रभु यीशु ने मनुष्य जाति के कल्याण के लिए अपना बलिदान दिया था। प्रभु यीशु क्षमा, सहायता और त्याग का उपदेश देती है। ईसाई धर्म के अनुसार ईसा मसीह के चमत्कारों से परेशान होकर रोमन गवर्नर पिलातुस ने यरुशलम पहाड़ पर उन्हें फ्राइडे के दिन सूली पर चढ़वा दिया था।


ऐसा भी कहा जाता है कि प्रभु यीशु की मृत्यु के बाद उन्होंने दोबारा जन्म लिया था जिस कारण से इस दिन को गुड फ्राइडे कहा जाता है। गुड फ्राइडे के दिन लोग चर्च में घंटे नहीं बजाते है बल्कि इस दिन विशेष प्रार्थना की जाती है और लकड़ी के खटखटे से आवाज की जाती है।