जल्दबाजी में लॉकडाउन हटाना खतरनाक : WHO


नई दिल्ली। कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए कई देशों में लागू लॉकडाउन को हटाने या बढ़ाने की चर्चा के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चेतावनी दी है। उसका कहना है कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए प्रतिबंधों को जल्दबाजी में हटाने के घातक परिणाम हो सकते हैं।


डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस गेब्रेयसस ने कहा कि कुछ देश प्रतिबंध में ढील देने की योजना बना रहे हैं। एक साथ पाबंदियां हटाने से महामारी दोबारा फैल सकती है।


वैक्सीन आने तक लॉकडाउन रहे: 


चीन में हुए एक अध्ययन में कहा गया है कि वायरस की वैक्सीन मिलने तक लॉकडाउन नहीं हटाना चाहिए। लैंसेट जर्नल में छपे अध्ययन के अनुसार,बिना पूरी तैयारी किए प्रतिबंध हटाना नए सिरे से संक्रमण का तूफान ला सकता है।


वहीं, विश्व बैंक ने रविवार को कहा, घर लौट रहे प्रवासी मजदूर अप्रभावित राज्यों में खतरा बढ़ा सकते हैं। अपनी द्विवार्षिक रिपोर्ट में विश्व बैंक ने कहा कि शुरुआती परिणाम दिखाते हैं कि भारत के जिन इलाकों में ये लोग लौट रहे हैं वहां कोविड-19 के मामले सामने आ रहे हैं। दक्षिण एशिया में संक्रमण रोकना बड़ी चुनौती है। 


भारत में संक्रमण को तीसरे चरण में पहुंचने से रोकने के लिए केंद्र सरकार लॉकडाउन के दौरान देशभर में हॉट स्पॉट की पहचान में जुटी है। इन क्षेत्रों को सील कर उनमें अधिकतम जांच की जाएगी। वायरस को तेजी से फैलने से रोकने में अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा अहम है। केंद्र व राज्य सरकारें सख्ती से काम करेंगी।


दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके इसके लिए सरकार ऑपरेशन शील्ड चला रही है। सोमवार से कोरोना हॉट स्पॉट इलाके में सेनेटाइजेशन ड्राइव (स्वच्छीकरण अभियान) शुरू होगा। हॉट स्पॉट क्षेत्रों को दो जोन ऑरेंज और रेड में बांटकर चलाया जाएगा।