इंसान से पहले हुआ है वायरस का जन्म


कोरोना वायरस के अलावा भी 6 लाख ऐसे वायरस हैं, जो इंसानों में जानवरों के जरिए दाखिल होते हैं। ये वायरस इनसानों को जन्म से पहले ही पैदा हुए हैं। साइंटिफिक मैंगजीन के अनुसार वायरसों की उत्पति इंसानों से भी पहले हो चुकी है। इसी कड़ी में आज हम आपको कुछ ऐसे ही वायरसों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने जब-जब मानव समुदाय में अपनी जगह बनाने की कोशिश की, तब-तब मानव समुदाय का अस्तित्व खतरे में आता हुआ दिखा।


मारबर्ग वायरस- 1967 में इसकी खोज हुई थी। पहली बार इसका पता जर्मनी की एक प्रयोगशाला में हुआ था। प्रथम बार वहां पर कुछ लोग बीमार हुए थे। बताया गया था कि यह वायरस बंदरों से इंसान में आया था। इसकी वजह से तेज बुखार आता है। इस वायरस की वजह से शरीर के अंगों से तेज खून निकलने लगता है। शरीर के अंग काम करना बंद कर देते हैं और फिर अंत में इंसान मर जाता है।


इबोला वायरस : पहली बार इसकी खोज 1976 में हुई थी। इससे सूडान में कुछ लोगों की मौत हो गई थी। यह वायरस जानवरों के माध्यम से इंसान में आया था। 2014 में यह अफ्रीका में खूब फैला था। इसकी चपेट में बहुत सारे लोग आए थे।


रेबीज़ : यह पालतू जानवरों में होता है। इसका पता 1920 में चला था। सामान्य तौर पर यह कुत्ते काटने से फैलता है। विकसित देशों में ऐसे मामले सामने नहीं आते हैं, मगर अफ्रीकी देशों में यह अमूमन लोगों को अपनी चपेट में ले लेता है। अगर समय रहते मरीज का इलाज नहीं किया गया तो इससे इंसान की जान भी चली जाती है।


एचआईवी : यह आधुनिक दुनिया का सबसे खतरनाक वायरस है। इसके संक्रमण से आज तक कोई बच नहीं पाया है। 95 फीसद लोगों के इसकी चपेट में आने के बाद मौत हो जाती है । पूरी दुनियाभर में 1980 से लेकर अभी तक 3 करोड़ लोगों की यह जान ले चुका है। हालांकि अब इसका इलाज आ गया है और बहुत कम मौतें होती हैं।


हंता वायरस : पूरी दुनिया को इसके बारे में तब पता चला था कि जब अमेरिका में 1993 में इसकी चपेट में आने के बाद एक शख्स और उसकी मंगेतकर की मृत्यु हो गई थी। कुछ दिनों में इस वायरस ने 600 लोगों को अपनी चपेट में ले लिया और 33 फीसद लोगों की मौत हो गई। यह वायरस चूहे से फैलती है। मालूम हो कि कोरियाई युद्ध के दौरान करीब 3 हजार सैनिक इससे बीमार हो गए थे। वहीं 12 फीसद लोग मारे गए थे।


इंफ्लूएंजा : कभी इसकी वजह से 5 लाख लोग मारे गए थे। यह जब आता है, तब-तब यह महामारी का रूप धारण कर लेती है। 1940 में स्पेनिश में 40 फीसद लोग बीमार हो गए थे और 5 करोड़ लोग मारे गए थे। जब यह वायरस आता है तो महामारी का रूप धारण कर लेता है।


डेंगू : यह एक ऐसी बीमारी है, जो मच्छऱ के काटने से पैदा होती है। 1940 में यह पहली मर्तबा फिलीपिंस और थाईलैंड में फैला था। यह वायरस अब 40 फीसद लोगों की आबादी तक अपनी जगह बना चुका है। हर साल इसकी वजह से 1 करो़ड़ से भी अधिक लोग बीमार हो जाते हैं।