एक संक्रमित जमाती ने 50 से अधिक लोगों से साधा था संपर्क


लखनऊ। कोरोना से संक्रमित जमाती लॉकडाउन के बाद भी लोगों से मुलाकात करने का सिलसिला जारी रखे थे। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की माने तो अकेले एक संक्रमित जमाती ही 50 अन्य लोगों के संपर्क में घंटों रहा। अब तक की पड़ताल में अफसरों को यह जानकारी मिली है। उस हिसाब से कैंट इलाके में एक हजार से अधिक संदिग्ध लोग हैं। इसके अलावा सभी हाट स्पाट वाले इलाकों को मिलाकर यह संख्या काफी है। इन स्पाट पर एलआईयू और पुलिस भी संदिग्धों की तलाश में लगी है। जितनी जल्द ये संदिग्ध जांच की जद में आ जाएंगें। उतनी जल्दी इस हाट स्पाट समेत अन्य इलाकों से राहत की उम्मीद बढ़ेगी। जमाती के संपर्क में घंटों रहे लोग राजधानी के हॉट स्पॉट इलाकों को सील करने के बाद भी कोरोना का खतरा अभी कम नहीं है। जमातियों की वजह से खतरा बना ही हुआ है। अब तक हुई पड़ताल में आला अफसरों को यह जानकारी हुई है कि जमाती लाक डाउन के बाद भी लोगों से मुलाकात करते रहे। एक जमाती 50 से अधिक लोगों के संपर्क में घंटों रहा। कैंट इलाका अब तक सबसे संवेदनशील कैंट इलाके से ही सबसे अधिक 22 जमाती मिले। यह इलाका सबसे अधिक संवेदनशील माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के मुताबिक इन जमातियों के सीधे संपर्क में आए एक हजार से अधिक संदिग्ध लोग हैं। इनकी सूची स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन स्तर तक तैयार होकर पहुंच चुकी है। लगातार इन हॉट स्पॉट वाले इलाकों में संदिग्धों की तलाश कर क्वारंटीन किया जा रहा है। इसलिए ही इलाकों में और अधिक सख्ती करके जल्दी लोगों को खोजने की प्रक्रिया चल रही है।जमाती के संपर्क में आए लोग खुद सामने आएं स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जो लोग जमातियों के संपर्क में आए हैं, यदि वह खुद ही सामने आकर अपनी जांच करवा लें तो आमजन को भी बहुत जल्दी राहत मिल सकती है। इनकी तलाश के लिए टीम घर-घर पहुंच ब्योरा जुटाकर जांच में लगी है। अफसरों का कहना है कि अभी भी जमातियों के संपर्क में आए लोगों की फेहरिस्त लंबी है। चिन्हित लोगों को तुरंत ही क्वारंटीन किया जा रहा है। सीएमओ डॉ नरेंद्र अग्रवाल का कहना है कि हर जमाती के संपर्क में आए लोगों का आंकड़ा तेजी से जुटाने में टीम लगी है। पड़ताल में हर चिन्हित व्यक्ति को तुरंत क्वारंटीन किया जा रहा है। उनके नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।