दिल्ली में कोरोना ने बढ़ाई केंद्र की परेशानी


नई दिल्ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. हर्षवर्धन ने दिल्ली में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि एम्स सहित अन्य केन्द्रीय संस्थानों तथा संबद्ध अधिकारियों को राष्ट्रीय राजधानी पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। डा. हर्षवर्धन ने मंगलवार (28 अप्रैल) को दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल, स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन और दिल्ली सरकार एवं स्थानीय निकायों के शीर्ष अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के जरिए समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय राजधानी की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की।


डा. हर्षवर्धन ने कोरोना संक्रमण के आंकड़ों के आधार पर कहा कि दिल्ली में स्वास्थ्य एवं चिकित्साकर्मियों के संक्रमित होने की दर 4.11 प्रतिशत है और यह अन्य राज्यों की तुलना में काफी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में अब तक 33 डॉक्टर 26 नर्स और 24 स्वास्थ्य कर्मी संक्रमित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में अब तक 98 हॉटस्पॉट क्षेत्र घोषित होने के बाद राजधानी का नक्शा पूरी तरह से रेड जोन में तब्दील होना सभी के लिए चिंता की बात है। समस्या के संभावित कारणों का जिक्र करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि संक्रमण पाए जाने वाले इलाकों में कम क्षेत्रफल को सील किया जा रहा है, रेड स्पॉट घोषित जिलों का पड़ोसी जिलों से संपर्क बरकरार रहना और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में लॉकडाउन का ठीक से पालन नहीं होने के कारण स्थिति नियंत्रण में नहीं आ पा रही है। 


उन्होंने हालांकि इसमें तबलीगी जमात की घटना को भी प्रमुख वजह बताते हुए कहा कि इस घटना के बाद अब तक हालात को काबू किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुये स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने शीर्ष अधिकारियों को दिल्ली की स्थिति पर विशेष ध्यान देने और दिल्ली स्थित एम्स को इस दिशा में दिल्ली प्रशासन को अपनी विशेषज्ञता का लाभ पहुंचाने को कहा गया है।