दिल्ली में भी यमुना किनारे जुटे हजारों मजदूर


नई दिल्ली। एक दिन पहले मुंबई के बांद्रा में हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर जुटे थे लेकिन पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को काबू किया और राज्य सरकार उन प्रवासी मजदूरों को यह आश्वासन दिया कि उनके खाने-पीने में कोई दिक्कत नहीं होगी। इस घटना के एक दिन बाद ही देश की राजधानी में भी दिहाड़ी मजदूर भारी संख्या में दिल्ली के यमुना नदी के किनारे इकट्ठा हो गए। लॉकडाउन होने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में इन मजदूरों के इकट्ठा होने के बाद केजरीवाल सरकार के दावे पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इन लोगों को वहां से शिफ्ट से दिल्ली के अलग-अलग नाइट शेल्टर में शिफ्ट कर दिया गया है। 


केजरीवाल ने मजदूरों से कहा- खाने, रहने की कोई कमी नहीं


दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यमुना नदी किनारे मजदूरों के जुटने की इस घटना पर ट्वीट किया है। केजरीवाल ने कहा, यमुना घाट पर मजदूर इकट्ठा हुए। उनके लिए रहने और खाने की व्यवस्था कर दी गई। उन्हें तुरंत शिफ्ट करने के आदेश दे दिए गए हैं। रहने और खाने की कोई कमी नहीं है। किसी को कोई भूखा या बेघर मिले तो हमें जरूर बताना।


सिसोदिया ने कहा, सभी मजदूरों को नाइट शेल्टर में शिफ्ट किया गया


इधर, “यमुना किनारे मजदूरों की जुटी भीड़ पर दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, मुख्यमंत्री के आदेश के बाद इन सभी मजदूरों को दिल्ली के नाइट शेल्टर्स में ले जाया गया है। इन सभी को वहां पर रखा जाएगा और खाना दिया जाएगा। दिल्ली में अगर कहीं कोई मजदूर को समस्या आ रही है तो हमारी सरकार उनका देखभाल करेगी।”


गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले लॉकडाउन के बावजूद मुंबई के बांद्रा स्टेशन के बाहर हजारों की संख्या में मजदूरों के जुटने की घटना सामने आने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली में भी ऐसी घटना हो सकती है। बकायदा उन्होंने इसे एक विडियो ट्वीट करते हुए मंगलवार की शाम को यह बात कही थी।


बांद्र घटना पर क्या कहा था केजरीवाल ने? 


केजरीवाल ने एक वीडियो संदेश में यहां रह रहे प्रवासी मजदूरों से अपील करते हुए कहा, 'लोग अफवाह फैलाने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसी किसी भी बात पर आप भरोसा नहीं करना। अभी आपको कोई भी आपके घर नहीं ले जा सकता है। अगर कोई आपको यह बोले की डीटीसी की बस खड़ी है तो इस बात पर विश्वास नहीं करना। कोई भी बस आपको कहीं नहीं ले जा रही है।'


वहीं, दिल्ली के मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों से कहा कि दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों के जमावड़े की अनुमति ना दें। उन्होंने पुलिस के विशेष आयुक्तों, जिलाधिकारियों से जमीनी हालात पर नजर रखने के लिए कहा है, ताकि दिल्ली में मुंबई जैसे हालात पैदा होने से बचा जा सके।