धारावी की झुग्गियों में फैला कोराना, महाराष्ट्र में अब तक 17 मौतें


मुंम्बई। एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी धारावी में कोरोना वायरस संक्रमित एक शख्स की पहचान होने के कुछ ही घंटे बाद उसकी मौत से हड़कंप मच गया है। इसके साथ ही बुधवार को 7 लोगों की मौत कोविड 19 के संक्रमण से होने की वजह से राज्य में मृतकों की कुल संख्या 17 हो गई है। कोरोना वायरस के 33 नए मामले भी बुधवार को मिले। इनमें छह दिन का एक शिशु, उसकी 26 वर्षीय मां और एक नर्स शामिल हैं। राज्य में इस बीमारी से ग्रस्त लोगों की संख्या बढ़कर 335 हो गई है। 


धारावी के शाहू नगर में एक 46 वर्षीय शख्स के बुधवार को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद उसे पास के सरकारी सायन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसके परिवार के सात अन्य सदस्यों को क्वारंटाइन में रखा गया है। इलाज के दौरान देर शाम इस शख्स की मौत हो गई। वह जिस इमारत में रहता था, उसे सील कर दिया गया है। इमारत में रहने वाले सभी लोगों को क्वारंटाइन कर दिया गया है।


धारावी 15 लाख से घनी आबादी वाला क्षेत्र है और इस वजह से प्रशासन की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। चिंता करने वाली बात यह भी है कि धारावी के जिस शख्स की मौत हुई है, वह कभी विदेश भी नहीं गया था।
 आज के अन्य मृतकों मुंबई के दो पुरुष शामिल हैं, जिनकी उम्र 51 साल और 75 साल है। इन दोनों का भी विदेश यात्रा का कोई इतिहास नहीं था।


कोरोना संक्रमित पाए गए छह दिन के बच्चे के पिता वी. सिंह ने बताया कि शिशु 26 मार्च की रात चेम्बुर के एक अस्पताल में पैदा हुआ, जहां इलाजरत एक मरीज बाद में कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। उन्होंने कहा, "हमें तत्काल अस्पताल छोड़ने के लिए कहा गया और डॉक्टरों ने हमारी देखभाल से इनकार कर दिया। मेरी पत्नी और मेरे बच्चे की रिपोर्ट लगभग आधी रात को पॉजिटिव आई। तभी से हम कस्तूरबा हॉस्पिटल में हैं।"


बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने शहर में झुग्गियों, भवनों, नर्सिंग होम और आवासीय कॉलोनियों सहित 145 से ज्यादा ऐसी जगहों की पहचान कर उन्हें सील कर दिया है, जहां से कोरोना वायरस संक्रमण के ज्यादा मामले मिले हैं।


बीएमसी के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि पश्चिमी मुंबई में गोरेगांव के वर्ली कोलीवाड़ा, प्रभादेवी और बिम्बिसार नगर रेड जोन में आए हैं और पुलिस की मदद से इन सभी को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। 


उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों को संक्रमण मुक्त करने के लिए वहां रासायनिक घोल का छिड़काव किया गया। अधिकारी ने बताया कि स्थानीय निकाय ने इन जगहों की पहचान वहां से एक या ज्यादा कोविड-19 के मरीज मिलने या वहां किसी के संक्रमित होने का संदेह होने के आधार पर किया है।