छिपे जमातियों व पनाह देने वालों पर दो दिन में सख्त कार्रवाई


लखनऊ। स्वास्थ विभाग के निर्देशों की अवहेलना करते हुए अपनी पहचान छिपाकर रह रहे तबलीगी जमात से जुड़े लोगों तथा उनको आश्रय देने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध अगले दो दिनों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी मुख्यालय ने इसके लिए सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को निर्देशित किया है।


यह जानकारी एडीजी कानून-व्यवस्था पीवी रामाशास्त्री ने दी। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी का प्रकोप रोकने के लिए किए जा रहे उपायों की मुख्यालय स्तर पर समीक्षा करते हुए सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। तबलीगी जमात के सदस्यों को स्वयं क्वारंटाइन सुविधा में दाखिल होने के लिए समय-समय पर प्रेरित किया गया। इसके बावजूद कुछ लोग अभी भी छिपे हुए हैं। पुलिस ने अभी तक 2727 ऐसे व्यक्तियों को क्वारंटाइन किया है। 


पुलिस कप्तानों से यह भी कहा गया है कि कोरोना संक्रमण से रोकथाम से संबंधित कार्यों जैसे लॉकडाउन का पालन करना, कांटैक्ट ट्रेसिंग कार्य में तैनात पुलिस, स्वास्थ विभाग व अन्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध हमला करना या शांतिभंग करते हुए तोड़फोड़ की घटना को जघन्य अपराध मानते हुए कार्रवाई की जाए। 


ऐसी घटना होने पर कानून की सख्त धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर अविलंब गिरफ्तारी की जाए। साथ ही लोक व्यवस्था भंग करने के प्रयत्नों के साक्ष्य प्राप्त होने पर संबंधित अभियुक्तों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत कार्रवाई की जाए। एडीजी कानून-व्यवस्था ने कहा है कि संपत्ति की क्षति पहुंचाने पर उत्तर प्रदेश लोक तथा निजी क्षति वसूली अध्यादेश 2020 की धारा तीन के तहत क्लेम पिटीशन भी पेश किया जाए।