चाणक्य के अनुसार सफल वैवाहिक जीवन के लिए पार्टनर में जरूर देखें ये 5 चीजें, वरना जिंदगी हो जाएगी बर्बाद


चाणक्य जीवन दर्शन के महान पंडित माने जाते हैं। चाणक्य ने अपने अनुभवों के अधार पर जो कुछ महसूस किया उसे चाणक्य नीति में जगह दी। चाणक्य नें अपनी बुद्धि के बल पर भारतीय इतिहास की धारा तक बदलकर रख दी थी। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में सुखी वैवाहिक जीवन के लिए साथी में कुछ खास गुणों का होना आवश्यक बताया है। जिनके न होने पर व्यक्ति का शादीशुदा जीवन खराब हो सकता है। यदि आप भी अपने लिए सफल वैवाहिक जीवन का सपना देख रहे हैं तो पार्टनर चुनते समय चाणक्य की बताई इन 5 बातों का जरूर रखें ध्यान।  


1-क्रोध-
व्यक्ति के जीवन में क्रोध उसका सबसे बड़ा शत्रु माना गया है। ऐसा व्यक्ति जो अपने क्रोध पर नियंत्रण नहीं रख सकता वह अपने गृहस्थ जीवन को भी खराब कर देता है। ऐले में ऐसे लोगों से बचकर रहना चाहिए। 


2-धैर्य - 
कुशल वैवाहिक जीवन के लिए स्त्री-पुरूष में धैर्य का गुण बेहद अनिवार्य माना गया है। चाणक्य कहते थे कि पुरुषों को शादी से पहले महिलाओं में धैर्य की परख अवश्य कर लेनी चाहिए। ऐसा इसलिए यदि स्त्री धैर्यवान होगी तो कठिन परिस्थिति में भी वो आपके साथ खड़ी रहकर आपका साथ निभाएगी। 


3-मर्यादित पुरुष-
सफल वैवाहिक जीवन के लिए चाणक्य कहते हैं कि पुरुषों में मर्यादित रहने का गुण जरूर मौजूद होना चाहिए। ऐसे पुरुषों को विवाह से पहले ही अपने पार्टनर में धर्म-कर्म की आस्था की जानकारी भी होनी चाहिए। चाणक्य के मुताबिक धार्मिक स्त्री के विचार भी अच्छे होंगे। ऐसी स्त्री एक श्रेष्ठ परिवार का निर्माण करने में सदैव सक्षम होती है।


4-शारीरिक आकर्षण-
चाणक्य नीति कहती है कि जीवनसाथी चुनने का पैमाना कभी भी शारीरिक आकर्षण नहीं होना चाहिए। वो कहते हैं कि अक्सर पुरुष सुंदर जीवनसाथी के चक्कर में स्त्री के गुणों को दरकिनार कर देते हैं। ऐसा करने वाले पुरुष अपने जीवन में सदैव दुखी रहते हैं। 


5-नकारात्मक विचार-
जो स्त्री-पुरुष शादी के बाद अपने रिश्ते को हमेशा तोड़ने की बात करके या फिर किसी भी नकारात्मक विचार से अपने परिवार को दुख पहुंचाता है, ऐसे लोगों से हमेशा बचकर रहना  चाहिए।