बिना कोरोना लक्षण वाले तबलीगी जमातियों ने बढ़ाई मुश्किलें


लखनऊ। तबलीगी जमातियों ने स्वास्थ्य विभाग के सामने नया संकट खड़ा कर दिया है। असल में जिन जमातियों को जांच कराने के बाद शनिवार को छोड़ने की तैयारी थी उनमें कोरोना वायरस की पुष्टि हुई। हैरानी की बात यह है किसी भी जमाती में कोरोना के लक्षण नहीं थे। मसलन न तो किसी को सर्दी थी और न ही जुकाम। बुखार व गले में खराश की समस्या भी किसी को नहीं थी। बिना लक्षण कोरोना वायरस की पुष्टि से स्वास्थ्य विभाग के अफसरों में खलबली मच गई।


बीकेटी स्थित जीसीआरजी मेडिकल कॉलेज में दो और तीन अप्रैल को 102 तबलीगी जमातियों को क्वॉरंटीन कराया गया। उस वक्त सभी की जांच कराई गई। रिपोर्ट नेगेटिव आई। 14 दिन बाद दोबारा जांच कराई गई। इनमें 48 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल के मुताबिक जमातियों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आती तो उन्हें छोड़ दिया जाता।


उन्होंने बताया कि किसी भी मरीज में कोरोना का कोई लक्षण नहीं था। चिकित्सा विज्ञान में इन्हें एसिम्टोमैटिक कहा जाता है। ये मरीज और भी नुकसानदेह होते हैं। लक्षण न होने की दशा में वह सामान्य लोगों की तरह आपस में मिलते-जुलते हैं। जिससे संक्रमण दूसरे में आसानी से फैला सकते हैं।


गंभीर रोगी संजीदा रहें
केजीएमयू माइक्रोबायोलॉजी विभाग की डॉ. शीतल वर्मा के मुताबिक जिन लोगों में रोगों से लड़ने की ताकत ज्यादा होती है उनमें लक्षण नजर नहीं आते हैं। जबकि कमजोर इम्यूनिटी वालों को संक्रमण आसानी से हो सकता है। गुर्दा, कैंसर, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर समेत दूसरी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को अधिक संजीदा रहने की जरूरत है।


28 दिन तक आ सकते हैं लक्षण
केजीएमयू रेस्पीरेटरी क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. वेद प्रकाश के मुताबिक कोरोना संक्रमित मरीजों में चार से पांच दिन बाद लक्षण नजर  आने लगते हैं। कुछ में यह लक्षण 14 से 21 दिन के भीतर नजर आते हैं। यह लक्षण 28 तक भी आ सकते हैं। मास्क लगाएं। सोशल डिस्टैंसिंग का पालन करें। गंभीर रोगी भीड़-भाड़ वाली जगह में जाने से बचें।