रोग के स्तर को ध्वनि तरंगें मापेंगी ,कैंसर जैसी बीमारी का समय पर लग सकेगा पता


इंजीनियरों ने एक ऐसा उपकरण विकसित किया है, जो ऊतक के नमूनों में रोग के स्तर को ध्वनि तरंगों के माध्यम से माप सकता है। यह उपकरण कैंसर की बीमारी को ठीक करने के नए तरीकों को इजाद करने में कारगर साबित हो सकता है। यह चिपनुमा उपकरण मानव शरीर में आस-पास की कोशिकाओं की संरचना को सख्त करने वाले ऊतकों को ध्वनि तरंगों की माध्यम से सुनता है और इस बात का संकेत देता है कि कैंसर ऊतकों को क्षतिग्रस्त कर रहा है या नहीं। अमेरिका की पर्डयू यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार इस ऊतक संरचना में बदलाव की निगरानी, जिसे बाह्य मैट्रिक्स कहा जाता है।


वैज्ञानिकों और चिकित्सकों को बीमारी की प्रगति का अध्ययन करने का एक और बेहतर तरीका दे सकता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि अभी तक बाह्य मैट्रिक्स में बिना नुकसान पहुंचाए इसमें परिवर्तन का पता लगाना बेहद ही मुश्किल था। इस अध्ययन के सह लेखक राम रहीमी ने कहा कि यह ठीक उसी प्रकार की अवधारणा है, जिसके जरिए कि किसी हवाई जहाज के पंखों में क्षति की जांच की जाती है। जिस तरह से तरंग का प्रसार होता है जो कि वस्तु को बिना प्रभावित किए बगैर ही संकेत दे सकती है कि उसमें कोई क्षति या दोष है या नहीं।


अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने बाह्य मैट्रिक्स के नमूनों में रसायनों को खींचने की कोशिश की हालांकि इन विधियों से बाह्य मैट्रिक्स को नुकसान पहुंचने का खतरा होता है। वर्तमान अध्ययन में शोधकर्ताओं की टीम ने यह जानने के लिए एक गैर विनाशकारी तरीका विकसित किया कि कैसे बाह्य मैट्रिक्स रोग, विषाक्त पदार्थों या चिकित्सीय दवाओं के प्रति प्रतिक्रिया करता है। इस दौरान बाह्य मैट्रिक्स और कोशिकाओं के साथ इस नए उपकरण से जोड़ने पर इसमें लगा एक ट्रांसमीटर अल्ट्रासोनिक तरंग उत्पन्न करता है, जो रोग की प्रगति के अनुसार फैलता है और रिसीवर को ट्रिगर करता है।


इससे विद्युत संकेत उत्पन्न होते हैं जो बाह्य मैट्रिक्स की कठोरता को दर्शाते हैं। शोधकर्ताओं ने हाइड्रोजेल में निहित कैंसर कोशिकाओं के साथ उपकरण का प्रदर्शन किया। शोधकर्ताओं के अनुसार इस उपकरण ने सटीक परिणाम दिए और इसके जरिए कैंसर की बीमारी को ठीक करने के नए तरीकों की खोज की जा सकेगी।