लॉकडाउन का फायदा उठा रहे कालाबाजारी, मनमाफिक रेट में बेच रहे सब्जी और राशन


लखनऊ। लॉकडाउन का कालाबाजारियों ने जमकर फायदा उठाया। फुटकर सब्जियों की दुकानों पर परवल 120 रुपये, भिंडी 100 रुपये किलो तक बेची। वहीं आटा और दाल के दाम भी ग्राहकों से ज्यादा वसूले। बाजार के सूत्रों का कहना है कि माहौल को देखते हुए आटा, दाल और तेल की कालाबाजारी और जमाखोरी बढ़ गई है।


आटा की जमाखोरी से चढ़े दाम 


जनता कर्फ्यू और फिर लॉकडाउन से उपजे संकट का जमाखोर आटा की कालाबाजारी पर उतर आए हैं। दो दिन पहले थोक बाजार में आटा की कीमत 2150 रुपये कुंतल थी। वह मंगलवार को अचानक बढ़कर 2400 रुपये तक पहुंच गई। बाजार के जानकारों का कहना है कि थोक बाजार में आटा की कमी बताकर इसके दाम बढ़ाए जा रहे हैं। जबकि आटा इन कालाबाजारियों के गोदामों भरा पड़ा है। फतेहगंज के व्यापारी मुकेश अग्रवाल ने बताया कि तीन दिन पहले फुटकर बाजार में आटा की कीमत 23-24 रुपये प्रतिकिलो थी। लेकिन मंगलवार को यही आटा 26 रुपये से 30 रुपये प्रतिकिलो के भाव में बिक रहा है। इसके साथ ही दाल की कीमत में दो से चार रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है। अरहर दाल के दाम थोक में 67 रुपये बिक रही थी लेकिन अब फुटकर बाजार में यही अरहर दाल 80 रुपये के आसपास पहुंच गई है। 


चार दिन पहले 60 रुपये किलो बिकने वाला परवल अब 120 रुपये और भिंडी के दाम 30-35 रुपये से उछलकर 100 रुपये तक पहुंच गए। दिलचस्प बात यह है कि नरही बाजार के इर्दगिर्द अधिकारियों का रिहायशी इलाका है। लेकिन कालाबाजारियों के हौंसले इतने बुलंद हैं कि उनके बीच नरही बाजार में ही टमाटर 50-60 रुपये, परवल 120 रुपये और भिंडी 100 रुपये प्रतिकिलो के भाव में बेच रहे हैं। एचएएल सब्जी मंडी का भी हाल इससे कुछ अलग नहीं है। यहां भी आलू 40 रुपये, प्याज 40-45 रुपये और टमाटर 80 रुपये तक बेच रहे हैं। इन बाजारों के साथ ही आलमबाग, आशियाना, गोमतीनगर और महानगर में सब्जी के दाम इन्हीं दाम को आसपास ही हैं। वहीं जानकीपुरम, डंडइया बाजार और चिनहट में सब्जी के दाम आलू 30 रुपये, प्याज 30-35 और टमाटर 30 रुपये प्रतिकिलो के भाव में बिक रहा है।