घरों में बंद लोगों के बीच बढ़ रहे आपसी झगड़े


एक नए सर्वेक्षण में पाया गया है कि कोविड-19 पहले से ही ऑस्ट्रेलियाई लोगों को खतरनाक तरीके से मार रहा है। वहीं, अब सामाजिक दूरी और सेल्फ आइसोलेट के कारण घरों में कैद रहने से घरेलू हिंसा के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों ने घरेलू झगड़े और हिंसा के बहुत बदतर होने की आशंका जताई है।विशेषज्ञों ने मदद के अभाव में स्थिति के बहुत बदतर होने की आशंका जताई, पारिवारिक हिंसा के मामलों में हो सकती है बढ़ोतरी।


महिला सुरक्षा एनएसडब्ल्यू ने कोविड-19 के प्रकोप के दौरान राज्य भर में 400 फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को एक सर्वेक्षण करने के लिए भेजा था। सर्वेक्षण के दौरान अब तक 40 प्रतिशत कार्यकर्ताओं ने रिपोर्ट दी कि लोग संकट के समय में सहायता के लिए अपील कर रहे हैं। वहीं, 60 प्रतिशत ने कहा कि घरों में कैद होने के चलते घरेलू हिंसा के मामले जटिल होते जा रहे हैं।


पुलिस ने भी माना बढ़ रही घरेलू हिंसा : 
विक्टोरिया पुलिस की मानें तो दिसंबर 2019 को समाप्त होने वाले वर्ष में, पुलिस ने हर छह मिनट में घरेलू हिंसा से संबंधित कॉल का जवाब दिया। विक्टोरिया पुलिस ने भी अनुमान जाहिर किया है कि इस माहामारी के दौरान पारिवारिक हिंसा की घटनाओं में बढ़ोतरी हो सकती है।
 
60 प्रतिशत ने कहा-घरों में कैद होने से मामले हो रहे जटिल
400 फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं ने सर्वेक्षण कर सौंपी रिपोर्ट


जरूरतें पूरी नहीं हो रहीं-
महिला सुरक्षा एनएसडब्ल्यू के मुख्य कार्यकारीअधिकारी हेडली फोस्टर ने कहा कि इसका मतलब है कि लोगों की जरूरतें पूरी नहीं हो रहीं और लोगों को सेवाओं तक पहुंचने में वास्तविक कठिनायों का सामना करना पड़ रहा है। जिससे कि घरेलू हिंसा और गाली -गलौच के मामलों में लगातार वृद्दि होती जा रही है। सामाजिक भेद और आत्म-अलगाव की आवश्यकताओं को देखते हुए , कई सेवाएं ऑनलाइन और फोन पर चालू की गई हैं। अधिकांश आश्रय अभी भी इस दिशा में कार्य कर रहे हैं।