चमत्कारों के लिए प्रसिद्ध है चंदायन का दुर्गा मंदिर


उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में चंदायन गांव में स्थित प्राचीन सिद्धपीठ दुर्गा मंदिर चमत्कारों के लिए जाना जाता है। बरनावा-दाहा मार्ग पर चंदायन गांव का यह मंदिर सद्गुरु श्यामसुंदर दास महाराज के चमत्कारों के लिए प्रसिद्ध है।
सदगुरु महाराज देवी दुर्गा के अनन्य भक्त थे। उनकी कृपा से अभिभूत होकर गाजियाबाद निवासी अशोक पाल पुत्र शेरसिंह ने सदगुरु महाराज के थानस्थल पर भव्य मंदिर का निर्माण कराया। मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं की अगाध आस्था है।
हर वर्ष चैत्र नवरात्र पर यहां आठ दिवसीय विशाल मेले का आयोजन होता है। वहीं शारदीय नवरात्रों में भी यहां श्रद्धालु विशेष पूजा अर्चना करने आते हैं। मंदिर कमेटी द्वारा प्रतिवर्ष ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी को बाबा के विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है।


विशेषता
चंदायन गांव में उत्तरी छोर पर करीब एक एकड़ भूमि में स्थापित भव्य प्राचीन सिद्धपीठ दुर्गा मंदिर में सच्चिदानंद सद्गुरु, माता दुर्गा और भगत मुकुंदादास सहित कई देवी देवताओं की मूर्तियां स्थापित की गई हैं।
इस मंदिर की मान्यता दूर-दूर तक है। नवरात्र में मां के दरबार में विशेष अखंड ज्योत प्रज्ज्वलित की जाती है। माना जाता है कि मंदिर में आने वाले हर भक्त की मनोकामना यहां पूर्ण होती है।