अंधविश्वास : कोरोना को भगाने के लिए घरों के बाहर दीपक जला रहे लोग


लखनऊ। कोरोना वायरस के संक्रमण का उपचार ढूंढने के लिए वैज्ञानिकों और डॉक्टर्स की टीम ने पूरी ताकत लगा रखी है। सभी इस जानलेवा बीमारी का समाधान खोज रहे हैं। वहीं राजधानी के कई इलाकों में लोग परिवार वालों की सुरक्षा के लिए दीया जला रहे हैं। हालांकि, हिन्दुस्तान इस तरह की किसी मान्यता का समर्थन नहीं करता है। 


पुराने लखनऊ के चौक, ठाकुरगंज के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों में भी लोग घरों के बाहर एवं मंदिरों में घी के दीपक जला रहे हैं। लोगों का कहना है कि परिवार के हर सदस्य के ऊपर जलता हुआ दीपक सात बार उतारकर घर के सामने या फिर मंदिरों में रखने से कोरोना वायरस के संक्रमण को दूर किया जा सकता है। महिलाओं का कहना है कि कोरोना एक खतरनाक बीमारी है, इसे दीये जलाकर दूर किया जा सकता है। वहीं आईआईटीआर के निदेशक प्रो. आलोक धावन ने कहा कि कोरोना वायरस नष्ट या मर जाएगा। ये सोचकर लोग अपने घरों में दिया जला रहे है। यह लोगों की अपनी मान्यता है, लेकिन इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। यह अंधविश्वास है।